नई दिल्लीः टैक्सी एग्रिगेटर ओला ने सोमवार को अपने इलेक्ट्रिक मिशन की घोषणा की. ओला की योजना अगले 12 महीने में 10 हजार इलेक्ट्रिक रिक्शा और ऑटो रिक्शा लॉन्च करने की है. मिशन इलेक्ट्रिक के तहत कंपनी की योजना अगले तीन साल में 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को सड़कों पर उतारने की है.

ओला के को-फाउंडर और सीईओ भावेश अग्रवाल का कहना है कि भारत में यातायात को सुगम और सस्ता बनाने के लिए कंपनी अपने ड्राइवर-पार्टनर, ऑटो कंपनियों, बैटरी कंपनियों और शहरी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेगी. उन्होंने कहा कि यायायात का सस्ता विकल्प लाने के लिए वह राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने के बारे में सोच रहे हैं.

इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर्स को सड़कों पर उतारने के लिए कंपनी कई राज्य सरकारों के साथ बात कर रही है. ओला का मानना है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों से ड्राइवर्स, कस्टमर सबका फायदा होगा. ओला ने 26 मई 2017 को नागपुर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के प्रोजेक्ट को लॉन्च किया था. नागपुर में इन इलेक्ट्रिक वीइकल्स को ऐप के जरिए बुक किया जा सकता है. चार्जिंग स्टेशंस को सिर्फ 200 वीइकल्स के लिए स्थापित किया गया है.

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही 2025 तक इनकी कीमतें पेट्रोल एवं डीजल वाहनों से भी कम हो सकती हैं. दुनिया के हर देश में इलेक्ट्रिक वाहनों  की मांग बढ़ रही है क्योंकि परिवहन का भविष्य और नए तकनीकी निर्माण के अनुकूल होना उनके लिए अब जरूरी है.

हालांकि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को कई सारी चुनौतियां हैं. मौसम की बात करें तो यहां का मौसम गर्म होता है. वहीं जिन देशों में इलेक्ट्रिक कारें सफल है वहां काफी ठंड होती है. दूसरे देशों के मुकाबले भारत में चार्जिंग प्वाइंट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है. वहीं बिजली के मामले में देश का एक बड़ा हिस्सा इससे अछूता है. भारत के शहरों में इलेक्ट्रिक कारें सफल हो सकती हैं लेकिन गांवों में इनकी सफलता पर संदेह है.