पटना। बिहार में दंगे और उपद्रव का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है. औरंगाबाद, भागलपुर के बाद अब नवादा शहर में घटना से शुक्रवार को सांप्रदायिक हिंसा हो गई. नवादा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि घटना की खबर फैलने पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हुआ, जो दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प का रूप ले लिया. उत्तेजित भीड़ ने वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और दुकानों में आग लगा दी. लोगों ने पुलिस पर पथराव भी किया. कुमार ने बताया कि हालांकि स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में कर लिया गया. शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बन तैनात किया गया है. गिरिराज सिंह नवादा संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं. नवादा में इससे पहले भी 2017 और 2013 में भी सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हुई थी.

पिछले सप्ताह रामनवमी जुलूस के दौरान औरंगाबाद में सबसे पहले सांप्रदायिक तनाव पैदा हुआ, जिसके गिरफ्त में समस्तीपुर, मुंगेर, नालंदा, शेखपुरा और गया जिले भी आ गए. हमेशा शांत रहने वाले दरभंगा में भी सांप्रदायिक तनाव होने लगा था, लेकिन जिलाधिकारी ने सख्त कदम उठाते हुए हालात को काबू में रखा.

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विपक्ष के निशाने पर नीतीश सरकार

भागलपुर दंगे में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत आरोपी हैं. उनके खिलाफ वारंट है, उन्होंने हाई कोर्ट में जमानत की अर्जी भी दी है. विपक्षी दलों ने नीतीश को स्थिति से निपटने में नाकाम बताते हुए उनकी तीखी आलोचना की है. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरआरएस) के प्रमुख मोहन भागवत पर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने का इल्जाम लगाया और कहा कि उन्होंने अपने हालिया 14 दिन के प्रदेश के दौरे के समय दंगों की योजना बनाई और उनके कारिंदों ने सुनियोजित तरीके से योजना को अमली जामा पहनाया. राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि भागवत की यात्रा के दौरान आरएसएस के काडर को हिंसा फैलाने का प्रशिक्षण दिया गया.

बिहार में पिछले कुछ दिनों में लगातार सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हो रही हैं. इससे नीतीश सरकार पर भी सवाल उठ रहे हैं. वह विपक्ष के निशाने पर हैं. हालांकि, नीतीश ने बीजेपी को इशारों इशारों में साफ कर दिया कि वह राज्य में सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने नहीं देंगे. खासतौर पर दरभंगा में संपत्ति विवाद में एक बीजेपी कार्यकर्ता के पिता की हत्या के बाद उठे विवाद में उन्होंने ये बात कही थी.