नई दिल्ली. बिहार में हालिया सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं के बाद माहौल शांत होने लगा है. इसीलिए सीएम नीतीश कुमार समस्तीपुर में मस्जिद निर्माण के लिए सरकार द्वारा राशि जारी करने के बाद अब सीतामढ़ी जिले में सीता के मंदिर के पुनरुद्धार कार्यक्रम में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. सीतामढ़ी जनकदुलाली जानकी की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध है. हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार राम की पत्नी और मिथिला की राजकुमारी सीता का जन्म सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में हुआ था. पुनौरा धाम में सीता का एक छोटा मंदिर भी है, जिसे अब बड़ा और भव्य रूप दिया जाने वाला है. आगामी 24 अप्रैल को सीएम नीतीश कुमार इस कार्य की शुरुआत करेंगे. बिहार की सियासत पर नजर रखने वाले कहते हैं कि सीता मंदिर के पुनरुद्धार कार्यक्रम से खुद को जोड़कर सीएम नीतीश कुमार एक तीर से दो शिकार कर रहे हैं. एक तरफ यह जहां मस्जिद निर्माण के लिए राशि देने के बाद हिन्दू मंदिर के निर्माण से जुड़कर उनका खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने का प्रयास है, वहीं सरकार में सहयोगी भाजपा को शांत करने का तरीका भी. क्योंकि हालिया सांप्रदायिक घटनाओं में भाजपा के कई नेताओं का नाम सामने आया था, जिन पर प्रदेश सरकार ने सख्ती से कार्रवाई की. इन भाजपा नेताओं में सबसे बड़ा नाम केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित शाश्वत का है, जिन्हें भागलपुर में हिंसा फैलाने का आरोपी बनाया गया था.

सीतामढ़ी के पुनौरा धाम का सीता मंदिर, जिसका पुनर्निर्माण किया जाना है. (फोटोः सीतामढ़ी.एनआईसी.इन)

सीतामढ़ी के पुनौरा धाम का सीता मंदिर, जिसका पुनर्निर्माण किया जाना है. (फोटोः सीतामढ़ी.एनआईसी.इन)

 

सीता मंदिर के लिए भेजे गए हैं आमंत्रण
सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में सीता मंदिर के पुनरुद्धार कार्य की शुरुआत के लिए सीतामढ़ी के सांसद और रालोसपा नेता रामकुमार शर्मा और भाजपा के उपाध्यक्ष और मध्यप्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष प्रभात झा ने संयुक्त रूप से नेताओं, विधायकों, सांसदों को आमंत्रण पत्र भेजा है. इस पत्र के बारे में भाजपा नेता प्रभात झा ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘नीतीश कुमार ने 2015 में मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद अपने पहले कैबिनेट बैठक में जानकी नवमी मनाए जाने का निर्णय लिया था. सीएम नीतीश कुमार ने आश्वस्त किया है कि सीतामढ़ी के पुनौरा धाम का विकास भी नालंदा और वैशाली की तर्ज पर किया जाएगा.’ सीता के जन्म के विषय में भारत के पड़ोसी देश नेपाल के इस दावे पर कि सीता का जन्म जनकपुर में हुआ था, भाजपा नेता सहमति नहीं जताते. वे कहते हैं, ‘इसमें कोई संदेह ही नहीं है कि मां सीता का जन्म सीतामढ़ी के पावन पुनौरा धाम में हुआ था. हम तो केंद्र सरकार से भी मांग करेंगे कि बुद्ध सर्किट की तरह सीता सर्किट का विकास कर इसमें सीतामढ़ी के पुनौरा धाम को शामिल किया जाए.’

सीतामढ़ी से भाजपा को साध लेंगे नीतीश कुमार
पुनौरा धाम में सीता मंदिर के पुनरुद्धार कार्य में सीएम नीतीश कुमार की दिलचस्पी की जहां तक बात है, सियासी जानकार इसे सरकार की सहयोगी पार्टी भाजपा के प्रति मान-मनौव्वल मान रहे हैं. दरअसल, पिछले महीने 17 मार्च को भागलपुर में मोटरसाइकिल रैली के दौरान कथित तौर पर हुई मारपीट की घटना के बाद जिले में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था. पुलिस की जांच में हिंसा में भाजपा नेता अर्जित शाश्वत का चेहरा सामने आया, जिसके बाद बिहार में सियासी बयान आने शुरू हो गए. राजग सरकार की प्रमुख पार्टी जदयू के कई नेताओं ने हिंसा में भाजपा नेताओं की संलिप्तता को लेकर सवाल उठाए. खुद सीएम नीतीश कुमार ने भी कहा कि अर्जित शाश्वत के खिलाफ कानून कार्रवाई करेगा. इन सियासी बयानों से सत्तारूढ़ सरकार में दो नंबर की पार्टी भाजपा में अंदरखाने सरकार, खासकर जदयू विरोधी स्वर उठे. सियासी जानकार बताते हैं कि हिंसा की घटनाओं में भाजपा का नाम उछालने के बाद बनी स्थितियों को ठीक करने के लिए ही सीएम नीतीश कुमार इस सीता मंदिर के काम में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. सीता मंदिर निर्माण में उनके शामिल होने से एक तरफ जहां जनता के बीच उनका धर्मनिरपेक्ष चेहरा दिखेगा, वहीं सरकार और गठबंधन की सहयोगी भाजपा भी शांत हो जाएगी.

सीतामढ़ी में जानकी मंदिर और पंथ-पाकड़. (फोटो साभारः सीतामढ़ी.एनआईसी.इन)

सीतामढ़ी में जानकी मंदिर और पंथ-पाकड़. (फोटो साभारः सीतामढ़ी.एनआईसी.इन)

 

सीतामढ़ी में सीता के जन्म और जुड़े होने को लेकर प्रचलित हैं कहानियां
बिहार का सीतामढ़ी जिला पड़ोसी देश नेपाल से सटा हुआ चर्चित जिला रहा है. नेपाल के प्रवेशद्वार के तौर पर यह राज्य के अन्य जिलों की तरह महत्वपूर्ण हो जाता है. वर्ष 1992 में यहां पर हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटना के बाद यह प्रशासनिक रूप से भी काफी संवेदनशील माना जाता रहा है. हिन्दू धर्मावलंबियों में इस जगह का महत्व सीता के जन्मस्थान को लेकर है. यहां आने वाले श्रद्धालु सीतामढ़ी के पुनौरा धाम का दर्शन करने के बाद यहां से 100 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित नेपाल के जनकपुर की यात्रा करते हैं. सीतामढ़ी जिले में भी सीता से जुड़ी कई घटनाएं और स्थान प्रसिद्ध हैं. पुनौरा धाम के अलावा जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर ‘पंथ पाकड़’ नाम की जगह है. यहां पर स्थित पलाश के विशाल पेड़ के बारे में मान्यता है कि ससुराल जाते वक्त सीता ने यहां विश्राम किया था. इसके अलावा सीतामढ़ी शहर में स्थित जानकी मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए बड़ा आकर्षण का केंद्र है.