पटना: बिहार के मोतिहारी में चंपारण सत्यागह शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में भाग लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर मौजूद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की. पीएम ने कहा कि नीतीश का काम और धैर्य काबिलेतारीफ है और केंद्र सरकार उनके काम को पूरा समर्थन दे रही है. जब नीतीश के बोलने की बारी आई तो स्वच्छता अभियान के लिए पीएम की तारीफ तो उन्होंने की ही, देश में मौजूद हिंसा और अशांति के वातावरण के लिए भाजपा को नसीहत भी दे डाली.

अपने भाषण में नीतीश ने कहा कि केवल स्वच्छता से काम नहीं चलने वाला. इसके लिए शांति भी जरूरी है. एससी-एसटी एक्ट में बदलाव संबंधी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद पूरे देश में हुई हिंसा और विरोध-प्रदर्शनों की चर्चा करते हुए नीतीश ने कहा कि देश का विकास तभी संभव है जब सभी धर्म और जाति के लोग मिलकर प्रयास करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि देश प्रेम और सद्भाव से आगे बढ़ेगा, तनाव और अशांति से नहीं. उन्होंने सभी धर्मों की इज्जत करने पर भी जोर दिया.

स्वच्छाग्रहियों की तारीफ के बीच नीतीश केे इस बयान का हालिया घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में राजनीतिक मायने भी हैं. दरअसल, पिछले कुछ सप्ताह में बिहार में जातीय और धार्मिक तनाव की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. इन घटनाओं में बीजेपी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात भी सामने आई है, जिसके चलते बीजेपी और जदयू गठबंधन में तल्खी भी देखने को मिली है. बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चला रहे नीतीश पर विपक्षी पार्टियां बीजेपी समर्थकों की हिंसा और तनाव फैलाने की कोशिशों की अनदेखी करने का आरोप लगा रही हैं.

मंच पर बड़ी संख्या में भाजपा और जदयू नेताओं की मौजूदगी के बीच नीतीश का यह बयान अपने गठबंधन के साझीदार दल के लिए सलाह से ज्यादा नसीहत है. उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह जता दिया है कि राज्य में धार्मिक और जातीय सद्भाव बिगाड़ने की कोशिशें हुईं, तो वे ज्यादा देर तक चुप नहीं रहेंगे. .