पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुद्वारों में खिलाए जाने वाले लंगर की पवित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि लंगर का खाना बनाने में प्रयुक्त की गई सामग्रियों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखे जाने का केंद्र से अनुरोध किया है.

जीएसटी काउंसिल के प्रमुख और वित्त मंत्री अरुण जेटली को लिखा पत्र

गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल के प्रमुख और वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर श्री नीतीश कुमार ने कहा कि लंगर में खिलाया जाने वाला खाना जीएसटी के अंतर्गत नहीं आता है, लेकिन खाना बनाने में प्रयुक्त होने वाली सामग्री जैसे कि तेल, मसाले जैसी चीजों पर करदेयता है. जिससे गुरुद्वारों पर खर्च का बोझ बढ़ जाता है अतः लंगर की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त चीजों को कर के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए, जिससे गुरुद्वारों पर अनावश्यक खर्च का बोझ ना बढ़े.

लंगर का खाना जीएसटी से मुक्त लेकिन खाना बनाने की सामग्री पर जीएसटी

ज्ञातव्य है कि विभिन्न गुरुद्वारों में खिलाए जाने वाले लंगरों में आम लोगों को बिना भेद-भाव खाना खिलाया जाता है और यह सेवा बिना रुके लगातार चलती रहती है. जिसमें रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग मुफ्त भोजन करते हैं. वैसे तो इन लंगरों में परोसा जाने वाला खाना जीएसटी मुक्त है लेकिन खाना बनाने में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियां जैसे कि तेल, मसाले इत्यादि जीएसटी के दायरे में आते है, इसी चीज को ध्यान में रखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा जीएसटी काउंसिल के अध्यक्ष श्री अरुण जेटली से लंगर का खाना बनाने में प्रयुक्त होने वाली खाद्य सामग्री को जीएसटी से बाहर रखने का अनुरोध किया गया है.