नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में शिरकत करने बिहार के मोतिहारी पहुंच रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी मधेपुरा की ग्रीनफील्ड लोकोमोटिव फैक्ट्री (प्रथम चरण) राष्ट्र को समर्पित करेंगे. वहीं पीएम मोदी इसी फैक्ट्री में भारत और फ्रांस के सहयोग से बने देश के सबसे पावरफुल इंजन, फ्रेट लोकोमोटिव को भी राष्ट्र को सौंपेंगे. बिहार के मधेपुरा में बना यह रेल इंजन 12 हजार हॉर्स पावर का है. यह 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है. विशेष क्षमताओं के कारण भारतीय रेल इस इंजन का इस्तेमाल डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के लिए करेगी. इससे कम समय में देश के एक स्थान से दूसरे स्थान तक माल की ढुलाई हो सकेगी. आइए जानते हैं इस फैक्ट्री और यहां पर बने शक्तिशाली इंजन के बारे में खास बातें.

1- भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत और फ्रांस के सहयोग से मधेपुरा की ग्रीनफील्ड लोकोमोटिव फैक्ट्री में इस इंजन WAG12 का निर्माण किया गया है. इस फैक्ट्री के निर्माण में फ्रांस की कंपनी ऑल्स्टम ने सहयोग किया है. पहले चरण में कंपनी ने दो इंजन के सभी कल-पुर्जे फ्रांस से मंगाए हैं, जिनमें से एक को मधेपुरा की फैक्ट्री में असेंबल किया गया है.
2- मधेपुरा की यह फैक्ट्री वर्ष 2019 तक ऐसे 5 रेल इंजनों का उत्पादन करेगी. समय के साथ इस फैक्ट्री में इंजनों का उत्पादन बढ़ता जाएगा. इसके तहत वर्ष 2020 में 35 इंजन 2021 में 60 और उसके बाद हर साल 100 इंजनों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. कंपनी इस फैक्ट्री के जरिए कुल 800 इंजनों के उत्पादन में सहयोग करेगी.

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर पर माल ढुलाई के लिए रेलवे इन इंजनों का करेगी इस्तेमाल.
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर पर माल ढुलाई के लिए रेलवे इन इंजनों का करेगी इस्तेमाल.

 

3- मधेपुरा की यह फैक्ट्री अपने आप में देश में सबसे आधुनिक है. फैक्ट्री के निर्माण में ऑल्स्टम कंपनी ने 74 प्रतिशत राशि का निवेश किया है, वहीं भारतीय रेलवे की इस फैक्ट्री में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है. 260 एकड़ में फैली इस फैक्ट्री में अभी 70 लोग काम कर रहे हैं. 25 प्रतिशत की दर से हर साल इसमें कार्मिकों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.
4- मधेपुरा रेल फैक्ट्री में बना देश का सबसे पावरफुल इंजन WAG12 भारत में बना अब तक का सबसे शक्तिशाली इंजन है. इससे पहले भारतीय रेलवे माल ढुलाई के लिए चितरंजन लोकोमोटिव फैक्ट्री (CLF) में बने WAG9 का इस्तेमाल करती रही है. WAG9 वर्ष 2014 से भारतीय रेलवे में अपनी सेवाएं दे रहा है. वहीं WAG12 इसी साल से फ्रेट कॉरीडोर पर माल ढुलाई के लिए इस्तेमाल होने लगेगा.

मधेपुरा रेल कारखाने में पिछले साल सितंबर में इस इंजन के कल-पुर्जे लाए गए थे.
मधेपुरा रेल कारखाने में पिछले साल सितंबर में इस इंजन के कल-पुर्जे लाए गए थे.

5- WAG12 इंजन के इस्तेमाल से रेलवे को एक तरफ जहां माल ढुलाई में आसानी होगी, वहीं इस इंजन के इस्तेमाल से रेलवे के जरिए माल सप्लाई करने वाले कारोबारियों का समय भी बचेगा. माल ढुलाई की समय-सीमा कम होने से रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी.

 

मधेपुरा की फैक्ट्री के अलावा हमसफर एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाएंगे पीएम
चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के समापन समारोह के अवसर पर बिहार पहुंच रहे पीएम नरेंद्र मोदी बिहार को कुछ और सौगात भी देंगे. मधेपुरा रेल फैक्ट्री और इसमें बना देश का सबसे पावरफुल रेल इंजन राष्ट्र को समर्पित करने के अलावा पीएम मोदी कटिहार से नई दिल्ली के बीच चलने वाली पहली ‘चंपारण हमसफर एक्सप्रेस’ को भी हरी झंडी दिखाएंगे. पूरी तरह से वातानुकूलित यह ट्रेन इन दोनों स्टेशनों के बीच कुल 15 स्टेशनों पर रुकते हुए बिहारवासियों को आरामदायक रेल यात्रा कराएगी. इसके अलावा पीएम मोदी मुजफ्फरपुर-सुगौली-वाल्मीकिनगर रेलवे लाइन के दोहरीकरण कार्य का भी शिलान्यास करेंगे. इससे मुजफ्फरपुर से नरकटियागंज-गोरखपुर के रास्ते आने वाली ट्रेनों से यात्रा करने वाले मुसाफिरों को भविष्य में सुविधा होगी.