पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि किसी में इतनी ताकत नहीं कि आरक्षण खत्म कर दे. डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती समारोह में उन्होंने विपक्षियों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, “हमलोग बयानबाजी पर नहीं, काम करने पर विश्वास करते हैं.” पटना में जनता दल (युनाइटेड) द्वारा आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने आरक्षण समाप्त करने को असंभव बताते हुए कहा कि इतनी ताकत किसी में नहीं कि वह आरक्षण समाप्त कर दे.

उन्होंने कहा, “मुझे काम के लिए किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है. मैं किसी से तकरार या बेवजह बयानबाजी से दूर रहता हूं. मुझे काम करने पर विश्वास है.”

नीतीश ने पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सभी लोगों का काम करने का अपना तरीका है. कुछ लोग जोर-जोर से भाषण देते रहेंगे, रोज बयान देते रहेंगे. दिनभर में 10 बयान देंगे. अब तो सोशल मीडिया आ गया है, उस पर दिनभर में 10 ट्वीट करेंगे. इसके बाद यह सब समाचारपत्रों और टीवी चैनलों में चला जाएगा.

उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को आंबेडकर के प्रति आकर्षण पैदा हुआ है. उन्होंने यह बात फिर दोहराई, “हम सत्ता की चिंता नहीं करते, लोगों की चिंता करते हैं. सत्ता रहे या जाए, बुनियादी उसूलों से कभी समझौता न किया न ही करूंगा.”

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों को कमजोर करने संबंधी हालिया फैसले के बाद विपक्षी पार्टियां सत्तारूढ़ बीजेपी पर आरक्षण खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगा रही हैं. हालांकि, सरकार ने इस मामले में रिव्यू पिटीशन दाखिल करने की बात कही है.