पटना। IRCTC टेंडर घोटाले मामले में लालू प्रसाद यादव के परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. इस मामले में सीबीआई ने आज बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर तलाशी ली. साथ ही सीबीआई ने उनके बेटे तेजस्वी यादव से करीब 4 घंटे तक पूछताछ भी की. बताया जा रहा है कि करीब दर्जन भर अधिकारी इस अभियान में शामिल थे. मामला 2006 के घोटाले से जुड़ा हुआ है.

लालू और परिवार के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला

जुलाई 2017 में भी सीबीआई ने होटलों के रखरखाव के लिए निविदाएं देने में कथित अनियमितताओं के मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों के आवासों पर छापेमारी की थी. सीबीआई ने 2006 के इस मामले में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बिहार के उप मुख्यमंत्री और उनके बेटे तेजस्वी यादव, आईआरसीटीसी के तत्कालीन एमडी पी के गोयल, यादव के विश्वासपात्र प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सुजाता और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

लालू यादव पर इल्जाम है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के होटल टेंडर निजी कंपनी को दिए और रेल मंत्री के तौर पर निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया था. यूपीए 1 के समय लालू प्रसाद यादव मनमोहन सिंह की कैबिनेट में रेल मंत्री थे.

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साल 2006 में रांची और पुरी के बीएनआर होटलों के विकास, रखरखाव और संचालन के लिए निविदाओं में कथित अनियमितता पाए जाने के संबंध में केस दर्ज किया गया था. यह निविदाएं निजी सुजाता होटेल्स को दी गई थीं. बीएनआर होटल रेलवे के हैरिटेज होटल हैं जिन्हें उसी साल (2006 में) आईआरसीटीसी ने अपने नियंत्रण में ले लिया था. उन्होंने बताया कि छापेमारी दिल्ली, पटना, रांची, पुरी और गुड़गांव सहित 12 स्थानों पर की गई.

गौरतलब है कि जुलाई 2016 में पहली बार इसे लेकर लालू यादव के घर पर सीबीआई की छापेमारी हुई थी जिसके बाद नीतीश कुमार सरकार महागठबंधन से अलग हो गए थे. इसके बाद नीतीश ने दोबारा बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई.