नई दिल्ली: देश के 9 प्रमुख शहरों में कुल आवासीय बिक्री मार्च तिमाही में 33 प्रतिशत बढ़कर 80,000 इकाई हो गई, जबकि पिछले साल जनवरी – मार्च तिमाही में 59,936 मकान बेचे गए थे. यह बिक्री में सुधार को दर्शाता है. रीयल्टी क्षेत्र से जुड़ी वेबसाइट प्रोप टाइगर ने यह जानकारी दी. प्रोप टाइगर ने अपनी रीयल्टी रिपोर्ट ‘रीयल्टी डिकोडेड ‘ में कहा कि जनवरी – मार्च 2018 के दौरान हैदराबाद को छोड़कर बाकी सभी शहरों में आवासीय बिक्री में तेजी दर्ज की. मकान की बिक्री में सबसे अधिक तेजी नोएडा में दर्ज की गई. यहां जनवरी – मार्च 2018 में बिक्री पिछले साल की तुलना में 69 प्रतिशत बढ़कर 7,933 इकाई हो गई. इसके बाद गुड़गांव में बिक्री 62 प्रतिशत बढ़कर 1,964 इकाई रही. लेकिन हैदराबाद में मकानों की बिक्री 29 फीसदी घटी है और कोलकाता में मामली बढ़त रही. अगर यही रुझान आगे जारी रहा तो मकानों की कीमतों तेजी देखने को मिल सकती है.

मार्च की तिमाही में ये रही मकानों की बिक्री

शहर     आवासीय बिक्री बढ़ी %       यूनिट

नोएडा           69 प्रतिशत                     7,933
गुड़गांव          62 प्रतिशत                    1,964
पुणे                56 प्रतिशत                     15,885
बेंगलुरु           46 प्रतिशत                    11,706
मुंबई              40 प्रतिशत                    25,281
चेन्नई               25 प्रतिशत                     5,075
कोलकाता       16 प्रतिशत                    3,873
अहमदाबाद         एनए                           3,205

 हैदराबाद में मकानों की बिक्री 29 प्रतिशत गिरकर 5,077 इकाई रही.

प्रॉपर्टी बाजार के पक्ष में रुझान
प्रोप टाइगर, आवासीय और मकान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ध्रुव अग्रवाल ने कहा, ” पिछली तिमाही के बिक्री आंकड़े उत्साह बढ़ाने लायक हैं. हालांकि, अभी खुशी जाहिर करना जल्दबादी होगी, यह प्रारंभिक संकेत है कि चीजें आवासीय रीयल एस्टेट क्षेत्र के पक्ष में जा रही हैं. ”

गिरावट के दौर से गुजर रीयल एस्टेट सेक्‍टर
दिल्ली -एनसीआर के रीयल्टी बाजार में लंबे समय से अटकी पड़ी परियोजनाओं और संपत्ति की ऊंची कीमतों की वजह से रीयल्टी एस्टेट क्षेत्र काफी समय से गिरावट के दौर से गुजर रहा है. नोटबंदी , जीएसटी और रीयल एस्टेट कानून रेरा लागू होने का भी मकानों की मांग और आपूर्ति पर नकारात्मक असर पडा़ है. (इनपुट- एजेंसी)