नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली सोमवार को गूगल की एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) आधारित डिजिटल भुगतान सेवा ऐप ‘तेज’ को लांच करेंगे, जिसके बाद डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम क्षेत्र में प्रतियोगिता और तेज हो जाएगी. मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए शनिवार को ट्वीट कर बताया, वित्त मंत्री अरुण जेटली सोमवार (18 सितंबर) को गूगल डिजिटल भुगतान ऐप को लांच करेंगे.

भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में गूगल के प्रवेश करने की खबर मीडिया को गुरुवार को मिली, जिसके बाद गूगल इंडिया ने 18 सितंबर को नई दिल्ली में मीडिया को एक समारोह के लिए आमंत्रित किया.

आमंत्रण के अनुसार, जैसा कि हमलोग लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि हमारे प्रोडक्ट सभी की जरुरतों को पूरा करने में सहायक हो, हम नए प्रोडक्ट की लांच पर इसकी विस्तृत जानकारी देने के लिए आपको आमंत्रित करते हैं, जोकि भारत के लिए तैयार किया गया है. ‘तेज’ एंड्राइड पे की तरह ही काम करेगा.

यूपीआई भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से लांच की गई भुगतान प्रणाली है जिसे भारतीय रिजर्व बैंक नियंत्रित करती है. इसके सहयोग से मोबाइल के माध्यम से दो बैंक खातों के बीच तत्काल फंड ट्रांसफर किया जा सकता है.

भारत के बढ़ते डिजिटल भुगतान प्रणाली में व्‍हाट्सएप भी अपना पांव पसारने की तैयारी कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अग्रणी मेसैजिंग एप की पहले से ही एनपीसीआई के साथ बात चल रही है और कुछ बैंक यूपीआई के माध्यम से वित्तीय ट्रांजेक्शन की सहायता पहुंचाने के लिए भी तैयार हैं.

डब्ल्यूएबेटाइंफो ब्लॉग वेबसाइट के अनुसार, व्हाट्सएप यूपीआई प्रणाली का प्रयोग कर बैंक से बैंक ट्रांसफर योजना को अंतिम रूप दे रहा है.

कुछ मोबाइल मैसेजिंग एप जैसे ‘वी चैट’ और ‘हाईक मैसेंजर’ पहले से ही यूपीआई आधारित भुगतान सेवा को सपोर्ट करते हैं.

इलेक्ट्रोनिक और सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय के अनुसार, भारत में डिजिटल भुगतान की आधारभूत संरचना में 2017 के अंत तक लगभग 50 लाख इलेक्ट्रोनिक प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) के साथ तीन स्तरों में बढ़ोतरी की संभावना है.

मंत्रालय के सचिव अरुण सुंदरराजन ने कहा, “हम आशा कर रहे हैं कि दिसंबर तक पीओएस की संख्या 50 लाख हो जाएगी, जिसका मतलब है कि एक वर्ष के छोटी समयावधि में डिजिटल भुगतान के आधारभूत संरचना में तीन गुना इजाफा होगा.