नई दिल्ली: चीन की मोबाइल कंपनी ‘श्याओमी’ ने सोमवार को भारत में पीसीबीए निर्माण इकाई के साथ-साथ स्मार्टफोन के तीन नए संयंत्र लगाने की घोषणा की. स्मार्टफोन की 3 नई फैक्टरियां खुलने से भारत में श्याओमी की स्मार्टफोन बनानेवाले 6 संयंत्र हो जाएंगे. कंपनी का दावा है कि स्मार्टफोन के इन संयंत्रों के लगने से भारत में 15,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का अतिरिक्त निवेश होगा और 50,000 लोगों को नौकरियां मिलेंगी. यहां आयोजित तीन दिवसीय ‘श्याओमी सप्लायर इन्वेस्टमेंट समिट’ के उद्घाटन पर कंपनी ने कहा कि आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में स्मार्टफोन बनाने वाले संयंत्र स्थापित होने के बाद भारत में श्याओमी के कुल छह स्मार्टफोन विनिर्माण संयंत्र हो जाएंगे.

50 हजार नौकरियां मिलेंगी
कंपनी के मुताबिक, स्मार्टफोन की 3 नई फैक्टरियां खुलने से भारत में 15,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का अतिरिक्त निवेश होगा और 50,000 लोगों को नौकरियां मिलेंगी.

तमिलनाडु के श्रीपेरुंबुदूर में होगा एसएमटी संयंत्र
कंपनी ने कहा कि पिंट्रेड सर्किट बोर्ड असेंबली (पीसीबीए) का स्थानीय स्तर पर विनिर्माण के मकसद से श्याओमी ने फोक्सकॉन की साझेदारी में तमिलनाडु के श्रीपेरुंबुदूर में अपना पहला सरफेस माउंट टेक्नोलॉजी (एसएमटी) संयंत्र लगाएगी. श्याओमी ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में हिपैड टेक्नोलॉजी की साझेदारी में अपने पावर बैंक संयंत्र में भी स्मार्टफोन विनिर्माण कार्य शुरू किया है.

पीसीबीए पर है 10 फीसदी टैक्स
पीसीबीए स्मार्टफोन का सबसे महत्वपूर्ण घटक है, जिसकी कीमत फोन की कीमत का करीब आधा होता है. इसी महीने सरकार ने पीसीबीए समेत स्मार्टफोन के मुखक घटकों के आयात पर 10 फीसदी शुल्क लगाया है.

मेक इन इंडिया से जुड़ने की प्रतिबद्धता जताई
श्याओमी ग्लोबल के उपाध्यक्ष और श्याओमी इंडिया के प्रबंध निदेशक मंजु जैन ने कहा, “भारत के स्मार्टफोन उद्योग में श्याओमी एक उच्च गुणवत्ता व बेहतर डिजाइन वाला उत्पाद है, जो वाजिब कीमतों पर उपलब्ध है. हमने 2015 में ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के साथ जुड़कर भारतीय बाजार में अपनी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता जाहिर की थी. आज हमारी यह प्रतिबद्धता तीन और मोबाइल बनाने वाली फैक्टरियां खोलने की घोषणा के साथ और गहरी हो गई है.”

पहला एसएमटी संयंत्र लगा रही कंपनी
एमडी जैन ने कहा, “साथ ही, हम यहां पीसीबीए के लोकल विनिर्माण को समर्पित अपना पहला एसएमटी संयंत्र लगाने जा रहे हैं. श्याओमी भारत में पीएसबीए का स्थानीय स्तर पर संयोजन की शुरुआत करने वाली अग्रणी कंपनियों में शुमार है. मेरा विश्वास है कि भारत को दुनिया में विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनाने में बड़ी भूमिका निभाने का हमारा प्रयास जारी रहेगा.”

भारत सरकार ने कई प्रतिबंध हटाए
नीति आयोग के सीईओ अभिताभ कांत ने इस मौके पर कहा, “पिछले चार साल में हमने श्याओमी जैसी कंपनियों के भारत में निवेश के लिए हमने कई नियमों को हटा दिया.” उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि भारत में विनिर्माण वैश्विक आपूति श्रंखला का हिस्सा है. आज हमारा अर्थव्यवस्था प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए सबसे ज्यादा खुली हुई है.”

ये थे मौजूद
समिट के उद्घाट पर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, औद्योगिक नीति व प्रोत्साहन विभाग (डीआईपीपी) के सचिव रमेश अभिषेक इन्वेस्ट इंडिया के सीईओ दीपक बाग्ला, आंध्रप्रदेश के सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्री लोकेश नारा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा सहित कई अधिकारी व कारोबारी मौजूद थे. (इनपुट एजेंसी)