नई दिल्ली. देश में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि में कमी आयी है. जुलाई में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि महज 1.2 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी माह में 4.5 प्रतिशत थी. इसका कारण विनिर्माण खासकर पूंजीगत वस्तु क्षेत्र का खराब प्रदर्शन है. इससे रिजर्व बैंक पर नीतिगत दर में कटौती का दबाव बढ़ेगा.

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने यह आंकड़ा जारी किया. सीएसओ के संशोधित अनुमान के अनुसार जून महीने में औद्योगिक उत्पादन 0.2 प्रतिशत घटा था. अप्रैल-जुलाई के दौरान औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 1.7 प्रतिशत रही है जो पिछले साल इसी अवधि में 6.5 प्रतिशत रही थी.

सूचकांक में 77.6 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर जुलाई में घटकर 0.1 प्रतिशत रही जो 2016 के इसी महीने में 5.3 प्रतिशत थी. पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन जुलाई में एक प्रतिशत घटा जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसमें 8.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.

टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन आलोच्य महीने में 1.3 प्रतिशत घटा जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसमें 0.2 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई थी. हालांकि बिजली उत्पादन में जुलाई के दौरान 6.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो 2016 के इसी महीने में 2.1 प्रतिशत थी. खनिज उत्पादन में भी आलोच्य महीने में 4.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो एक साल पहले जुलाई महीने में 0.9 प्रतिशत थी.

गैर-टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र में वृद्धि दर जुलाई 2017 में 3.4 प्रतिशत रही. विनिर्माण क्षेत्र में कुल 23 औद्योगिक समूह में से आठ में जुलाई 2017 में इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने के मुकाबले वृद्धि हुई.