नई दिल्‍ली: बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक में 11 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा का घोटाला सामने आने के बाद गुरुवार को विपक्षी नेताओं ने इसके लिए मोदी सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर कहा कि भारत में लूट का सहज रास्‍ता है- प्रधानमंत्री से गले मिलो, उनके साथ दावोस में तस्‍वीरें खिंचवाओं और फिर अपने प्रभाव का इस्‍तेमाल कर बैंकों से पैसे चुराओ तथा विजय माल्‍या की तरह देश से बाहर भाग जाओ. सरकार आप से कुछ नहीं कहेगी.

वहीं कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला से मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि 26जुलाई, 2016 को ही नीरव मोदी तथा उसके एक संबंधी से जुड़े सारे सारे दस्‍तावेज प्रधानमंत्री तक पहुंचाए गए थे. पीएमओ ने रजिस्‍ट्रार ऑफ कंपनीज को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए, लेकिन सरकार ने अंतत: कुछ भी नहीं किया. उन्‍होंने नीरव मोदी को छोटा मोदी नाम देते हुए सवाल पूछा कि आखिर सरकार की नाक के नीचे फर्जी लेटर ऑफ अंडरस्‍टैंडिंग के जरिये नीरव मोदी और मेहुल चोकसी कैसे देश के पूरे बैंकिंग नेटवर्क को लूट सकता है. इसका जिम्‍मेदार कौन है.

तृणमूल कांग्रेस की नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पीएनबी घोटाले के बाद स्‍पष्‍ट है कि आम लोगों की बचत के पैसे भी सुरक्षित नहीं हैं. इस मामले की जल्‍द और विस्‍तृत जांच होनी चाहिए.चाहिए. वहीं सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि मोदी सरकार में बैंकों से लूट के बाद देश से बाहर निकल जाने का पैटर्न ही बन गया है. उन्‍होंने दावोस में प्रधानमंत्री के साथ नीरव मोदी की तस्‍वीर पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि नीरव 31 जनवरी को एफआईआर दर्ज होने से पहले ही भाग गया था तो इस तस्‍वीर के बारे में मोदी सरकार को स्‍पष्‍टीकरण देना चाहिए.

दूसरी ओर, विपक्षी नेताओं के आरोपों के जवाब में सत्‍ताधारी दल ने इसके लिए कांग्रेस और पिछली यूपीए सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया. केंद्रीय वित्‍त राज्‍यमंत्री एस पी शुक्‍ला ने कहा कि 2011 में यह मामला पहली बार सामने आया था, तब एनडीए की सरकार नहीं थी. कांग्रेस आज आरोप लगा रही है लेकिन 2011-14 तक क्‍या सो रही थी. हमारी सरकार तो मामले की जांच कर रही है. कांग्रेस की सरकार घोटालेबाजों की सरकार थी और उसने ही नीरव मोदी जैसे घोटालेबाजों को पैदा किया है. रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने भी उनकी बात दोहराते हुए बताया कि यह घोटाला पिछली यूपीए सरकार के कृत्‍यों का नतीजा है. इस पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी.

इधर मामले की जांच करने वाले अधिकारियों ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही सारे आरोपी भारत छोड़कर जा चुके थे. नीरव मोदी की अमेरिकी नागरिकता प्राप्‍त पत्‍नी एमी 6 जनवरी और मेहुल चोकसी 4 जनवरी को देश छोड़कर गए थे. नीरव का भाई निशाल मोदी भी 1 जनवरी को फरार हो चुका था, जबकि सीबीआई ने उनके खिलाफ 31 जनवरी को सर्कुलर नोटिस जारी किया था.