मुंबईः सरकारी बैंक PNB में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की जानकारी सामने आने के दो दिनों के भीतर बैंक के शेयर भाव में 21.4 फीसदी की गिरावट आई है. यह 52 सप्ताह का सबसे निचला स्तर है. पिछले दो दिनों में बैंक की बाजार पूंजी में आठ हजार करोड़ रुपये की कमी आई है. वैसे गुरुवार शाम में 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 141.52 अंकों की बढ़त के साथ 34297.47 पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 44.60 अंकों की बढ़त के साक 10545.50 पर बंद हुआ. गुरुवार को सुबह में सेंसेक्स सुबह सेंसेक्स सुबह 51.62 अंकों की मजबूती के साथ 34207.57 पर, जबकि निफ्टी 37.0 अंकों की मजबूती के साथ 10,537.90 पर खुला था.

एनएसई में दो दिनों में पीएनबी के शेयर भाव में 21.4 फीसदी की गिरावट आई है. गुरुवार को इसके एक शेयर का भाव 12.89 फीसदी गिरकर 127.05 पर पहुंच गया जबकि बीएसई में यह 11.97 फीसदी गिरकर 128.35 अंक पर आ गया. दो दिनों में शेयर मूल्यों में आई गिरावट के कारण बैंक की बाजार पूंजी में 8,091.34 अंकों की गिरावट आई है. गुरुवार को बंदी के वक्त 128.35 रुपये के प्रति शेयर के भाव से इसकी बाजार पूंजी 30,841.34 करोड़ रुपये थी, जबकि सोमवार को इसकी बाजार पूंजी 39,223.75 करोड़ रुपये थी.

गौरतलब है कि करीब 11000 करोड़ रुपये के घोटाले की बात सामने आने के बाद PNB ने देश को भरोसा दिलाया है कि वे किसी भी गलत काम को बढ़ावा नहीं देंगे. PNB प्रबंध निदेशक सुनील मेहता ने कहा कि बैंक के पास इस संकट से उबरने की क्षमता और ताकत है. उन्होंने हमारी तरफ से दर्ज करवाई गई एफआईआर के आधार पर इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों के यहां छापेमारी की जा रही है. दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं. उन्होंन कहा कि बैंक के वित्तीय हित को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.

मेहता ने कहा कि 2011 में पहली बार बैंक को इसका पता चला था. पीएनबी ने तत्‍काल संबंधित एजेंसियों को इसकी जानकारी दी थी. इस साल जनवरी के तीसरे सप्ताह में बैंक ने इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया. बैंक के ही दो कर्मचारियों का अवैध लेन-देन सामने आने के बाद बैंक ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी. मेहता ने बताया कि पीएनबी किसी भी गलत काम को बढ़ावा नहीं देगा. बैंक ही इस घोटाले को सामने लेकर आया है. खाताधारकों का विश्‍वास बनाए रखने के लिए उन्‍होंने बताया कि यह अकेली घटना है. बैंक की केवल एक शाखा में ही घपला हुआ है. बैंक द्वारा एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद छापेमारियां हो रही हैं और दस्‍तावेज जब्‍त किए जा रहे हैं. बैंकों के वित्‍तीय हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.