नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11,500 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि पीएनबी को ही 30 बैंकों को घोटाले की राशि चुकानी होगी. मामले की जानकारी रखने वाले 2 बैंकर्स ने यह जानकारी दी. इस पूरे मामले पर रिजर्व बैंक ने दूसरे बैंकों के साथ बैठक की. बैठक में शामिल एक बैंकर ने बताया कि रिजर्व बैंक ने साफ कहा है कि पीएनबी को पूरी देनदारी चुकानी होगी. अगर पीएनबी पैसा नहीं देता है तो पीएनबी और 30 दूसरे बैंकों को दोगुनी प्रोविजनिंग करनी होगी.

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गौरतलब है कि बुधवार को कई बैंकों के सीईओ और रिजर्व बैंक की बैठक हुई. रिजर्व बैंक ने पीएनबी से कहा कि 30 बैंकों को 11,300 करोड़ रुपए देने होंगे. नियमों के अनुसार अगर किसी बैंक के कर्मचारी ने अवैध ट्रांजैक्शन किया तो बैंक को पैसा चुकाना होगा. अगर बैंक ने पैसा नहीं दिया तो 22 हजार करोड़ की प्रोविजनिंग करनी होगी

क्या है पीएनबी बैंक घोटाला
बैकिंग सिस्टम के इस फ्रॉड को नीरव मोदी और उनकी कंपनी ने पीएनबी से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग से अंजाम दिया. ये लेटर ऑफ अंडर टेकिंग नीरव मोदी और उसके चाचा मेहुल चौकसी की कंपनी के आधार पर दिया गया था. ये एक तरह का क्रेडिट नोट था. इस लेटर को आधार बनाकर नीरव मोदी ने 30 बैंकों से 11,500 करोड़ रुपए कर्ज लिए. ये फ्रॉड पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में चल रहा था. पीएनबी के मुताबिक दूसरी बैंकों ने भी रिजर्व बैंक के नियमों का उल्लघंन किया है.

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पीएनबी ने दिलाया भरोसा
हालांकि गुरुवार को पंजाब नैशनल बैंक ने देश को भरोसा दिलाया है कि वे किसी भी गलत काम को बढ़ावा नहीं देंगे. PNB के प्रबंध निदेशक सुनील मेहता ने कहा कि बैंक के पास इस संकट से उबरने की क्षमता और ताकत है. उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से दर्ज करवाई गई एफआईआर के आधार पर इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों के यहां छापेमारी की जा रही है. दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं. उन्होंन कहा कि बैंक के वित्तीय हित को सुरक्षित करने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं. मेहता ने कहा कि 2011 में मामला सामने आया था. इस साल जनवरी के तीसरे हफ्ते में हमें गड़बड़ी का पता चला. हमने तीन चार दिन गहन जांच की. 29 जनवरी को हम सीबीआई के पास गए और 30 जनवरी को इस मामले में केस दर्ज करवाया.

छापेमारी शुरू
बैंक के ही दो कर्मचारियों का अवैध लेन-देन सामने आने के बाद बैंक ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी. मेहता ने बताया कि पीएनबी किसी भी गलत काम को बढ़ावा नहीं देगा. बैंक ही इस घोटाले को सामने लेकर आया है. खाताधारकों का विश्‍वास बनाए रखने के लिए उन्‍होंने बताया कि यह अकेली घटना है. बैंक की केवल एक शाखा में ही घपला हुआ है. बैंक द्वारा एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद छापेमारियां हो रही हैं और दस्‍तावेज जब्‍त किए जा रहे हैं. बैंकों के वित्‍तीय हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.