नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आटीआई की फीस को लेकर राज्य सरकारों पर लगाम लगाते हुए इसकी फीस महज 50 रुपए तय कर दी है और सूचना के प्रति पेज की फीस 5 रुपए होगी. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि ‘सूचना का अधिकार अधिनियम’ के तहत दिए जाने वाले आवेदनों के लिए अधिकतम शुल्क 50 रुपए होगा और फोटोकॉपी फीस पांच रुपए प्रति पेज होगीी. सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश सभी हाईकोर्ट, विधानसभाओं और अन्य सरकारी और आरटीआई अधिनियम के दायरे में आने वाली सभी स्वायत्त संस्थाओं पर लागू होगा. बता दें कि केंद्र सरकार के नियमानुसार आरटीआई आवेदन का शुल्क 10 रुपए है और दस्तावेजों की फोटोकॉपी का शुल्क दो रुपए है.

जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की पीठ विभिन्न उच्च न्यायालयों और छत्तीसगढ़ विधानसभा सहित अन्य प्राधिकरणों के आरटीआई नियमों को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया. इन सभी प्राधिकरणों ने आरटीआई आवेदन तथा फोटोकॉपी के लिए भारी-भरकम शुल्क लागू कर रखे हैं.

एक गैर सरकारी संगठन ‘कॉमन कॉज’ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि आरटीआई आवेदन के लिए ज्यादा शुल्क लेकर जनता को इस सेवा के लिए हतोत्साहित किया जा रहा है, ताकि उन्हें जानकारी न मिल सके. अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि साल 2011 में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने आरटीआई आवेदन का शुल्क बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया था और दिसंबर 2016 में इसे घटाकर 300 रुपए कर दिया. (इनपुट: एजेंसी)