फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के लिए आज का दिन एक बेहद ही अहम दिन रहा क्योंकि अभिनेता अनुपम खेर को चेयरमैन नियुक्त कर दिया गया है. वे एफटीआईआई के विवादास्पद चेयरमैन गजेंद्र चौहान से पदभार संभालेंगे. माना जा रहा है कि अनुपम खेर को FTII पदभार दिए जाने के बाद लोगों में एक खुशी की लहर है. दरअसल साल 2014 में जब गजेंद्र चौहान को संस्थान का प्रमुख नियुक्त किया गया था. तब संस्थान के छात्रों ने इसका काफी विरोध किया. कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी चले गए और गजेंद्र चौहान को हटाने की मांग करने लगे. दरअसल छात्रों की मांग थी कि संस्थान का नेतृत्व करने के लिए जो ‘‘कद एवं दृष्टि’’ चाहिए वह चौहान के पास नहीं है.

राहुल गांधी भी खड़े हो गए थे छात्रों के संग

गजेन्द्र चौहान को हटाने की मांग करने वालों में राजकुमार राव, अमोल पालेकर और सुधीर मिश्रा सरीखी कई बड़ी हस्तियां भी शामिल हो गई थी. सबने एक सुर में कहा कि एफटीआईआई को सुरक्षित हाथों में होना चाहिए. छात्रों को ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जिसपर वे भरोसा कर सकें और जिससे प्रेरणा पा सकें. सलमान खान और कबीर खान ने भी गजेंद्र से छात्रों की बात सुनने को कहा था. जिसके बाद सरकार को इस पूरे में मामले में दखल देना पड़ा. लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे. जिसके कारण सरकार से होनेवाली बातचीत कई बार नाकाम भी साबित हुई. जिसके बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी इस पूरे विवाद में कूद पड़े. राहुल एफटीआईआई छात्रों के एक समूह के साथ उस समय के मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने भी गए.

तस्वीर: जी न्यूज
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अनुपम खेर ने भी साधा था गजेंद्र पर निशाना

गजेंद्र के खिलाफ छात्रों ने 139 दिन तक हड़ताल की थी. ये हड़ताल सिर्फ पुणे में ही नहीं बल्कि देश के कई अलग-अलग हिस्सों में भी देखने को मिली. जिसके बाद जनवरी 2016 में गजेंद्र FTII का प्रभार ले पाए. उस वक़्त अनुपम खेर ने कहा था कि एफटीआईआई को एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जिसमें चौहान के मुकाबले निर्माता, निर्देशक या अभिनेता के तौर पर ज्यादा योग्यताएं हो.

FTII का चेयरमैन बनने के बाद क्या बोले अनुपम खेर?

FTII का चेयरमैन बनने के बाद क्या बोले अनुपम खेर?

अब गजेंद्र ने भी अनुपम पर कसा तंज

ऐसे आज जब अनुपम खेर को यह FTII की जिम्मेदारी दी गई है तो गजेंद्र चौहान ने भी प्रतिक्रिया दी हैं. चौहान ने मुंबई से फोन पर आईएएनएस को बताया, “मैं उनके लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं और मैं जीवन में आगे बढ़ना चाहता हूं. क्या होता है कि जब किसी को पद दिया जाता है, तो इसके पीछे बहुत सारे विकल्प होते हैं. मुझे विभिन्न विकल्पों के लिए नियुक्त किया गया था. मेरे काम को बहुत से लोगों द्वारा नहीं देखा गया. एफटीआईआई में, एक अच्छे अभिनेता की तुलना में अच्छे व्यवस्थापक की जरूरत है.”

तस्वीर: जी न्यूज
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उन्होंने कहा, “उन्हें काफी अनुभव है और वे मुंबई में अपना खुद का (एक्टिंग) इंस्टीट्यूट (एक्टर) चलाते हैं. इसलिए मुझे लगता है कि वह इसे अच्छी तरह से संभाल पाएंगे. मैं अनुपम जी को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे सभी काम पूरे करेंगे, जो मेरी अध्यक्षता खत्म होने के कारण मुझसे छूट गए हैं.”

(आईएएनएस से इनपुट लेकर)