डायरेक्टर- हंसल मेहता
स्टार कास्ट- कंगना रनौत, मार्क जस्टिस, सोहम शाह, मनु नारायण, अनीस जोशी
जॉनर- कॉमेडी ड्रामा
रेटिंग- 2/5

हंसल मेहता के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘सिमरन’ 15 सितम्बर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई. लम्बे समय बाद बॉलीवुड की क्वीन ‘कंगना रनौत’ इस फिल्म के जरिए नजर आई.

कहानी- फिल्म की कहानी एक गुजराती लड़की प्रफुल पटेल (कंगना रनौत) की है. जो तलाकशुदा है और अपनी फैमिली के साथ अमेरिका में रहती है. साधारण परिवार की प्रफुल एक होटल में हाउस कीपिंग का काम करती है. बिंदास प्रफुल अपनी लाइफ अपनी शर्तों पर जीने में विश्वास रखती है. जिसके कारण उसकी अपनी फैमिली से कम ही बनती है. वहीं प्रफुल के माता-पिता उसकी दोबारा शादी कराना चाहते हैं जिसके लिए वह रिश्ते ढूंढते हैं. इस बीच एक दिन प्रफुल अपनी फीमेल कजन के साथ लॉस वेगास घूमने जाती है. जहां वो जुआ में अपनी पूरी कमाई हार जाती है.

अपने हारे हुए पैसे को दोबारा पाने के लिए वह होटल वालों से उधार में पैसे लेकर फिर जुआं खेलती है और ये पैसे भी हार जाती है. फिर शुरू होता कहानी में ट्विस्ट. क्योंकि अब बारी होती है कर्जा चुकाने की, जिसके लिए प्रफुल के पास पैसे नहीं होते. कर्जा चुकाने के लिए वह चोरी-चकारी व  बैंक लूटने का काम करने लगती है. इसी बीच कुछ उसकी लाइफ में समीर की एंट्री होती है जो उसे प्यार करता है और उससे शादी करना चाहता है. समीर को प्रफुल की इन बुरी आदतों के बारे में कुछ नहीं पता. लेकिन क्या होगा जब उसे मालूम चलेगा की वो एक चोर है? जिसे जुए और चोरी की लत लग चुकी है. क्या समीर उससे शादी करेगा? क्या समीर के लिए प्रफुल अपनी बुरी आदतों को छोड़ देगी? क्या वो अपने उधार चुका पाएगी? ये जानने के लिए तो आपको फिल्म देखनी होगी.

डायरेक्शन- हंसल मेहता, बॉलीवुड में कई सफल फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. फिल्म की शूटिंग विदेश की है. डायरेक्शन भी अच्छा है लेकिन अगर कहानी की बात करे तो फिल्म की कहानी काफी कमजोर है. फिल्म का फर्स्ट हाफ थोड़ा बोरिंग है. सेकंड हाफ भी बिखरी हुई लगती है. हंसल की ये फिल्म दर्शकों की उम्मीद पर खरी नहीं उतर पाती क्योंकि उनके फैन्स को उनसे एक बेहतरीन फिल्म की उम्मीद थी जो कि पूरी नहीं हुई.

एक्टिंग- फिल्म की पूरी कहानी कंगना रनौत पर फोकस है. एक बार फिर कंगना ने ये साबित कर दिया कि वो बॉलीवुड की क्वीन ऐसे ही नहीं कहलाती हैं. फिल्म में उन्होंने बेहद दमदार एक्टिंग की है. लेकिन फिल्म की  कमजोर कहानी को ढोती हुई नजर आई.

म्यूजिक- फिल्म का कोई भी गाना प्रभावशाली नहीं है जो आपके जुबां पर आसानी से चढ़ जाए.

देखें या नहीं- अगर आप कंगना रनौत की बेहतरीन एक्टिंग के दीवाने हैं तो ये फिल्म आप एक बार जरुर देख सकते हैं.