दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का कहना है कि ‘स्वच्छ भारत’ के विचार के अलावा ‘स्वस्थ भारत’ के संदेश को पूरे देश में प्रचारित किए जाने की जरूरत है. उनका मानना है कि यह देश की असली ताकत होगी. उन्होंने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. सचिन ने बताया, “मैं चाहूंगा कि हर कोई कुछ खेलें या अन्य खेलों को खेलें. स्वच्छ भारत बनाने के लिए यह हम सब के लिए बेहद जरूरी है, जिसके एंबेसडर में से मैं एक हूं.. लेकिन इसके साथ ही हमें युवाओं से बातचीत की जरूरत है, हमें स्वस्थ भारत के बारे में भी बात करने की जरूरत है. यह समान रूप से महत्वपूर्ण है.”

यह पूछे जाने पर कि क्या वह स्वच्छ भारत एंबेसडर के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे तो उन्होंने कहा, “बहुत ज्यादा..101 फीसदी. मुझे लगता है कि स्वस्थ भारत हमारी असली ताकत बनने जा रही है क्योंकि अधिसंख्य युवा आबादी के साथ हमें स्वस्थ रहने की जरूरत है. युवा व अस्वस्थ आबादी खतरनाक हो सकती है, इससे हमें बिना किसी संदेह के निपटने की जरूरत है.”

तेंदुलकर ने कहा कि कुछ शारीरिक गतिविधियां हर पेशे से जुड़े लोगों को चुस्त-दुरुस्त रखने में मददगार होती हैं. दिग्गज क्रिकेटर यहां अपने जीवन पर बनी फिल्म ‘सचिन : ए बिलियन ड्रीम्स’ का प्रचार के सिलसिले में आए थे.

अधिकांश फिल्में जैसे ‘अजहर’, ‘मैरीकॉम’, या ‘एम.एस. धोनी’ खिलाड़ियों के ऊपर ही बनाए जाने को लेकर हैरानी जताए जाने पर सचिन ने मुस्कुराते हुए कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि हम सभी स्कूल में कुछ या अन्य खेलों के साथ अपनी शुरुआत करते हैं, चाहे वह 100 मीटर की दौड़ हो, या 400 मीटर की या कोई अन्य खेल जैसै लंगड़ी, खो-खो कबड्ड़ी हो..शुरुआत यही से होती है. खेल में लोगों को जोड़ने की बड़ी शक्ति है.

मोदी से अपनी मुलाकात के बारे में सचिन ने कहा, “यह एक शानदार अनुभव था और हमने उन्हें फिल्म के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी. उनकी तरफ से हमें बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली. उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी निश्चित रूप से अगली पीढ़ी को प्रेरित करेगी.”