रविवार को खत्म हुए आईफा अवॉर्ड में भले ही कई सितारों का जलवा देखने को मिला हो, लेकिन सेंसर बोर्ड के चेयरमैन पहलाज निहलानी ने आईफा में जमकर हमला बोला है. पहलाज के मुताबिक आईफा इसे इंडियन सिनेमा का जश्न मानते है जबकि बॉलीवुड के कई सारे एक्टर्स इस समारोह का हिस्सा तक नहीं बने. हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में पहलाज यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि ‘दंगल और एयरलिफ्ट जैसी फिल्मों के लिए आमिर खान और अक्षय कुमार को नॉमिनेशन तक नहीं मिलता. क्योंकि ये सभी सितारें इनके पेड हॉलिडे में शरीक नहीं होने वाले थे.

आईफा पर हमला करते हुए पहलाज ने कहा कि आईफा में जाने वाले सितारों के साथ-साथ उनके परिवार वालों, दोस्तों और बॉडीगार्डस तक के आने जाने का खर्च उठाया जाता है. इतना ही नहीं इन्हें शॉपिंग के लिए पैसे भी दिए जाते हैं. ये सभी पैसे कहा से आते हैं? आईफा इंडियन सिनेमा के जरिए पैसे कमा रही है लेकिन क्या इंडियन गवर्नमेंट को इसका फायदा मिल पाता हैं? यह भी पढ़े: आइफा 2017: नेपोटिज्म को लेकर करण जौहर, सैफ और वरुण ने उड़ाया कंगना रनौत का मज़ाक

पहलाज ने मानते है कि जिस दिन से अमिताभ बच्चन ने आईफा से दूरी बनाई उसी दिन से इस अवॉर्ड शो ने अपनी गरिमा और प्रासंगिकता खो दी. आईफा को इंडियन फिल्म इंडस्ट्री का समारोह कहना गलत होगा क्योंकि इस अवॉर्ड शो में सिर्फ बॉलीवुड फिल्मों को प्राथमिकता दी जाती है. जबकि बॉलीवुड अकेले भारतीय सिनेमा नहीं हैं. देश के दूसरें राज्यों में भी फिल्में है.