फैशन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी ने बुधवार को साड़ी पहनने का तरीका नहीं जानने वाली भारतीय महिलाओं के लिए ‘शर्म’ शब्द का उपयोग करने के लिए माफी मांगते हुए एक खुला पत्र लिखा है. पिछले सप्ताह हॉरवर्ड भारत सम्मेलन में कोलकाता के फैशन डिजायर से भारतीय युवतियों में साड़ी के लिए दिलचस्पी की कमी पर प्रश्न पूछा था.

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है, अगर आप मुझसे कहो कि आपको साड़ी पहननी नहीं आती है तो मैं आपसे कहूंगा कि आपको ‘शर्म’ आनी चाहिए. यह आपकी संस्कृति का हिस्सा है. आपको इसके लिए आवाज उठाने की जरूरत है.”

इसके बाद उनकी कड़ी आलोचना हुई थी. उन्होंने बुधवार को इंस्टाग्राम पर अपनी सफाई देते हुए पत्र लिखा.

मुखर्जी ने लिखा, “हारवर्ड में सम्मेलन में अचानक से पूछे गए प्रश्न का जबाब देने के लिए मुझे माफ करें. साड़ी पहनने में असमर्थ कुछ महिलाओं के लिए ‘शर्म’ शब्द का उपयोग करने के लिए मैं माफी मांगता हूं. मुझे सच में ग्लानि हो रही है. जिस तरीके से मैंने साड़ी पहनने में असमर्थ महिलाओं पर अपने विचार रखे, उससे मेरी सोच महिलाओं से नफरत करने वाली, पुरुष सत्तात्मक दिखने लगी. लेकिन मेरा यह मकसद बिल्कुल नहीं था.”

उन्होंने अंत में लिखा, “मैं एक बार फिर से माफी मांगता हूं कि मेरे शब्दों से किसी को दुख पहुंचा हो. मैंने किसी दुर्भावना के तहत ऐसा नहीं कहा था. मैं उन महिलाओं को संबोधित कर रहा था, जो गर्व के साथ दावा करती हैं कि वे साड़ी नहीं पहनती हैं और इसके साथ-साथ उन लोगों की आलोचना की थी, जो यह कहते हुए साड़ी पहनती हैं कि इसमें वे पिछड़ी, पुराने जमाने की लगती हैं.”