बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त अपने पिता की इच्छा पूरी करने काशी पहुंचे. पितृपक्ष के मौके पर संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त और मां नर्गिस दत्त की आत्मा की शांति के लिए रानी घाट पर पिंडदान किया. आठ ब्राह्मणों ने संजय दत्त की ये श्राद्ध की पूजा करवाई. संजू बाबा ने कहा कि ये उनके पिता की इच्छा थी. इस दौरान संजय दत्त की ‘भूमि’ एक्ट्रेस अदिति राव हैदरी भी उनके साथ नज़र आई.

पिंडदान करने के बाद संजय दत्त ने मीडिया से बातचीत की और कहा,- “पिता जी ने हॉस्पिटल में कहा था कि जब भी तुम आजाद हो जाना तो काशी जाकर पिंडदान कर देना. इसलिए बनारस आया हूं. बहुत जरुरी था आना”. बता दें, संजय दत्त के पिता सुनील दत्त का निधन 2005 में हुआ था और उनकी मां नर्गिस ने 1981 में दुनिया को अलविदा कह दिया था. पिता के मौत के 12 साल बाद संजय दत्त ने उनका पिंडदान किया क्योंकि पिता ने वादा लिया था कि आज़ाद होने के बाद करना पिंडदान. हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार पितृपक्ष पर अपने पूर्वजों का पिंडदान करने से उन्हें मोक्ष मिलता है.

तस्वीर: आईएएनएस
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बता दें, 1993 ब्लास्ट के बाद संजय को एके-47 और दूसरे गैरक़ानूनी हथियार रखने के केस में 5 साल की सजा सुनाई गई थी. 25 फरवरी 2016 को संजय दत्त अपनी सजा काट बाहर आए यानी सही मायने में आज़ाद हो गए.