सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बड़ा आदेश पारित किया। इस आदेश में कहा कि देशभर के सभी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाया जाना जरूरी है। कोर्ट ने ये भी कहा कि राष्ट्रगान के दौरान वहाँ उपस्थित सभी लोगों को सम्मान में खड़े भी होना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसे राष्ट्रीय पहचान, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक देशभक्ति से जुड़ा मामला बताया। इतना ही नहीं राष्ट्रगान बजते समय स्क्रीन पर राष्ट्रीय ध्वज भी होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश श्याम नारायण चौकसे की याचिका पर सुनावाई करते हुए दिया गया। उन्होंने याचिका दायर की थी कि राष्ट्रगान के व्यावसायिक गतिविधि पर रोक लगानाी चाहिए। याचिका में ये भी कहा गया था कि एकबार शुरू होने पर राष्ट्रीय गान को अंत तक गाया जाना चाहिए। इसकी धुन बदलकर किसी और तरीके से गाने पर रोक लगाने की भी बात इस याचिका में कही गई थी। यह भी पढ़ेंः टीवी एंकर अंजना ओम कश्यप की फिसली ज़ुबान, सोशल मीडिया पर ऐसे बना मज़ाक

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रगान बजाने की अनिवार्यता पर फैसला सुनाते हुए ये भी हिदायत दी कि इसका इस्तेमाल किसी भी प्रकार के व्यावसायित हित में नहीं होना चाहिए। अगर इसका अर्थ निकालें तो यही हो सकता है कि किसी विज्ञापन वगैरह में राष्ट्रगान के जरिए प्रलोभन न दिया जाए। इसके अलावा किसी अन्य प्रकार की गतिविधि में भी इसका इस्तेमाल न हो मसलन किसी सीन में ड्रामा क्रिएट करने में इसका प्रयोग न हो। कोर्ट ने राष्ट्रगान के अलग-अलग वैरायटी पर भी आपत्ति जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अक्टूबर में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।