इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को आरुषि-हेमराज हत्याकांड के मामले में आरुषि के माता-पिता राजेश तलवार और नूपुर तलवार को रिहा कर दिया है. हाईकोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए यह फैसला सुनाया है. इस फैसले के बाद राजेश और नूपुर तलवार गाजियाबाद की डासना जेल से रिहा हो जाएंगे. आपको बता दे कि इस हत्याकांड पर बॉलीवुड में 2 बड़ी फिल्में बनीं. एक फिल्म थी मेघना गुलजार की ‘तलवार’ तो दूसरी फिल्म थी मनीष गुप्ता के निर्देशन में बनी फिल्म ‘रहस्य’. दोनों ही फिल्मों में डायरेक्टर्स ने घटना के तथ्यों को अपनी-अपनी तरह से दिखाया.

इस केस पर बनी सबसे चर्चित फिल्म रही निर्देशक मेघना गुलजार की ‘तलवार’. इस फिल्म में फिल्म में इरफान, कोंकणा सेन शर्मा, सोहम शाह और नीरज कबी मुख्य भूमिकाओं में थे. इस डबल मर्डर केस पर बनी यह कहानी विशाल भारद्वाज ने लिखी. इस फिल्म में पुलिस की लापरवाही को निशाना बनाया गया है. अगर पुलिस सही से जांच करती तो केस को आसानी से सुलझा लिया गया होता. इरफान इस फिल्मक में एक इन्वेस्टिगेटिव ऑफिसर बने नजर आते हैं.

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बात अगर फिल्म ‘रहस्य’ की करे तो डायरेक्टर मनीष गुप्ता की इस फिल्म की कहानी में 18 साल की आयशा महाजन पर आधारित है. एक दिन अपने पापा की इस लाडली बेटी की लाश उसके बेडरूम में मिलती हैं. जिसके बाद सनसनी मच जाती है. पुलिस और सीबीआई के लिए ये केस एक रहस्य बन जाता है. लेकिन एक बाद एक करके इस केस से परत उठती जाती है और जो कुछ सामने आता है वो काफी हैरान करनेवाला होता हैं. इस फिल्म में CBI ऑफिसर की भूमिका अभिनेता केके मेनन ने निभाई है. जबकि आयशा की भूमिका में साक्षी सेम नजर आई थी. पेरेंट्स का किरदार आशीष विद्यार्थी और टिस्का चोपड़ा ने निभाया था. फर्क इतना था कि इस फिल्म की कहानी को मुंबई में दिखाया गया था.


मई 2008 में तलवार दंपति के नोएडा स्थित आवास पर उनकी बेटी आरुषि अपने कमरे में मृत मिली थी. उसकी हत्या गला काटकर की गई थी. शुरुआत में शक की सुई 45 वर्षीय घरेलू सहायक हेमराज की ओर घूमी थी क्योंकि घटना के बाद से वह लापता था. लेकिन दो दिन बाद हेमराज का शव भी बिल्डिंग की छत से मिला था. इस मामले में लापरवाहीपूर्ण तरीके से जांच करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था. इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी थी.