एक दशक पहले दीपिका पादुकोण ने जब बॉलीवुड में आगाज किया था तो उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह एक दिन संजय लीला भंसाली की फिल्मों में हीरोइन बनेंगी. अब संजय लीला भंसाली के साथ की अपनी तीसरी फिल्म ‘पद्मावती’ की रिलीज का इंतजार कर रहीं अभनेत्री को पूर भरोसा है कि फिल्म विवादों से उबर कर सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी और मनोरंजन उद्योग के लिए एक ‘बड़ी लड़ाई’ जीतेगी. इस फिल्म में दीपिका राजपूतनी रानी पद्मावती की भूमिका में हैं.

दीपिका ने मुंबई से फोन पर आईएएनएस को बताया, “एक महिला के रूप में मुझे इस फिल्म का हिस्सा होने और कहानी को बताने पर गर्व है, जिसे बताए जाने की जरूरत है और इसे आज बताए जाने की जरूरत है.” राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार भंसाली पर इतिहास से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए कई नेताओं, संगठनों ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है. दीपिका को पूरा भरोसा है कि फिल्म अपनी तय तिथि एक दिसंबर को ही रिलीज होगी.

फिल्म की रिलीज के पहले मचे बवाल पर अभिनेत्री ने कहा, “यह भयावह है, यह बिल्कुल भयावह है. इससे हमें क्या मिला? और एक राष्ट्र के रूप में हम कहां पहुंच गए हैं? हम आगे बढ़ने के बदले पीछे हुए हैं.”

उन्होंने कहा, “हमारी जवाबदेही सिर्फ सेंसरबोर्ड के प्रति है और मैं जनाती हूं और मेरा मानना है कि फिल्म को रिलीज होने से कुछ भी नहीं रोक सकता.” उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग से मिल रहा समर्थन इस बात का प्रतीक है कि यह सिर्फ ‘पद्मावती’ के बारे में नहीं है, बल्कि यह फिल्म उद्योग एक बड़ी लड़ाई लड़ रहा है.

फिल्म में दीपिका मुख्य भूमिका में हैं. उन्हें एक ऐसा मौका मिला है, जो हर अभिनेत्री को करियर में नसीब नहीं हो पाता.

उन्होंने कहा, “मैं इसका जश्न मनाती हूं.”

दिलचस्प बात यह है कि नवंबर का महीना दीपिका के 10 साल के फिल्मी करियर के लिए उल्लेखनीय है. उनकी पहली फिल्म ‘ओम शांति ओम’ नौ नवंबर को रिलीज हुई थी और अभी चार साल पहले 15 नवंबर को संजय लीला भंसाली के साथ उनकी फिल्म ‘राम-लीला’ रिलीज हुई थी.

अभिनेत्री ने कहा कि जब उन्होंने बॉलीवुड में ‘ओम शांति ओम’ से आगाज किया था और भंसाली की ‘सांवरिया’ रिलीज हुई थी तो वह सोचा करती थीं कि उन्होंने (भंसाली) उन्हें फिल्म में क्यों नहीं लिया.