नई दिल्‍ली: हाल ही में वर्ल्ड क्रिकेट में केपटाउन के बॉल टेंपरिंग कांड ने बवाल मचा दिया. ये अपने तरह की कोई पहली घटना नहीं थी. लेकिन, इसे लेकर इतना हो-हल्ला इसलिए मचा क्योंकि केपटाउन में इसे एक सोची-समझी रणनीति के तहत अंजाम दिया गया था. बॉल टेंपरिंग यानी गेंद से छेड़-छाड़ या यूं कहें कि उसकी शक्ल को बिगाड़ने का प्रचलन जेन्टल मैन गेम कहे जाने वाले क्रिकेट में काफी पुराना है और ये केपटाउन के किस्से से काफी पहले से चला आ रहा है.

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साल 2006 में इंग्‍लैंड के ओवल मैदान पर पाकिस्‍तान की पूरी टीम ने टेस्ट मैच इसलिए खेलने से इंकार कर दिया था क्योंकि बॉल टेंपरिंग के आरोप में इंजमाम-उल-हक पर फाइन लगाया गया था.