नई दिल्ली. राहुल गांधी के मंदिर जाने की खबर 2014 से पहले इतनी नहीं आती थी. 2014 के बाद से राहुल के मंदिर जाने के सिलसिले बढ़ गए हैं. साल 2017 में गुजरात चुनाव के वक्त राहुल के मंदिर दौरे अचानक से तेज हो गए हैं. गुजरात के हर दौरे पर राहुल मंदिर जाना नहीं भूल रहे हैं. 

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राहुल गांधी इस साल गुजरात के अपने पहले दौरे पर सबसे पहले द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन के लिए गए थे. कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेंद्रनगर जिले के चोटिला मंदिर भी पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान का आशीर्वाद लिया. राहुल गांधी इस मंदिर में दर्शन के लिए 1 हजार सीढ़ियां चढ़कर पहुंचे. राहुल कागवाड गांव में खोडल धाम भी पहुंचे थे. धाम में पटलीदारों ने राहुल गांधी का जोरदार स्वागत किया था.

राहुल गांधी अब तक करीब 16 मंदिरों की यात्रा कर चुके हैं. यूपी विधानसभा से शुरू हुई राहुल की मंदिर यात्रा अभी तक जारी है. ऐसा कहा जा रहा है कि मंदिरों की यात्रा में राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी को भी पीछे छोड़ दिया है. मोदी अपने दौरे पर मंदिरों के दर्शन को लेकर चर्चा में रहते हैं. हाल में मोदी ने केदारनाथ मंदिर के भी दर्शन किए थे.

9 अक्टूबर से 11 अक्टूबर के बीच राहुल गांधी गुजरात दौरे पर थे. इस दौरान वो नडियाड के संतराम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे. राहुल ने फगवेल में भाथीजी महाराज मंदिर के दर्शन किए. उन्होंने यहां कीर्तन में भी हिस्सा लिया. राहुल गांधी पावागढ़ में मां काली मंदिर और खेड़ा जिले के डाकोर मंदिर भी पहुंचे. कुछ वक्त पहले गुजरात के सौराष्ट्र के दौरे के दौरान राहुल गांधी ने 5 मंदिरों को दौरा किया था. 

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अक्षरधाम मंदिर- गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए रैली करने अहमदाबाद पहुंचे राहुल गांधी अक्षरधाम मंदिर पहुंचे. 11 नवंबर की सुबह अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरे राहुल गांधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर गए. यह मंदिर गुजरात में बड़ी आबादी का केंद्र है और दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर मे स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हाल में जा चुके हैं. अक्षरधाम मंदिर स्वामीनारायण पंथ से संबंधित है और पटेल समुदाय में इसके काफी अनुयायी हैं.

चामुण्डा देवी मंदिर- राहुल गांधी ने देवमंदिरों की अपनी यात्रा की शुरुआत ऐतिहासिक द्वारिका नगरी के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर से की और यात्रा का समापन चोटिला के मशहूर चामुण्डा माता मंदिर से किया. चामुण्डा माता मंदिर में राहुल 47 मिनट में 900 सीढ़ियां चढ़ गए. पहाड़ी पर जमा स्थानीय लोग इस सोच में थे कि राहुल इतनी सीढ़ियां चढ़ भी पाएंगे या नहीं. गुजरात के हर इलाके में तीन दिन की यात्रा के पहले दिन सौराष्ट्र में यह नजारा देखने को मिला.

संत बापाराम का आशीर्वाद- गुजरात दौरे के दूसरे दिन 11 नवंबर को राहुल गांधी बनासकांठा के टोटाणा में संत सादाराम बापा आश्रम गए. वहां उनके साथ ओबीसी एकता मंच के अल्पेश ठाकोर भी मौजूद थे, जो हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं. दोनों ठाकोर समाज के गुरु का आर्शीवाद लेने पहुंचे, जिनकी उम्र 100 साल से ज्‍यादा है.

अंबाजी मंदिर- गुजरात की हाल की यात्रा में राहुल गांधी बनासकांठा के अंबाजी मंदिर पहुंचे. देश के 52 शक्तिपीठों में से एक अंबाजी मंदिर में राहुल गांधी ने विधिवत पूजा-अर्चना भी की. बता दें कि इसी अंबाजी मंदिर से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात गौरव मंहासंपर्क अभियान की शुरुआत की थी. अंबाजी मंदिर उत्तरी गुजरात में आस्था का सबसे बड़े केंद्र के रूप में है.

वीर मेघ माया मंदिर- कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी उत्तरी गुजरात के दौरे के तीसरे दिन वीर मेघ माया मंदिर पहुंचे. राहुल गांधी ने पाटन में दलित नेताओं से भी मुलाकात की. राहुल ने ये भी कहा कि वह शिव के भक्त हैं.

कांग्रेस की उम्मीदें

राहुल के दौरे कांग्रेस की स्ट्रैटिजी का हिस्सा हैं. पार्टी का ये नया चेहरा 2014 के बाद दिखाई दे रहा है. कांग्रेस को उम्मीद है कि इसके सहारे हिंदू वोट बैंक, जो 2014 में उससे दूर हो गया था, दोबारा उसके पास आएगा लेकिन विशेषज्ञ इसपर एकमत नहीं हैं. देश का अल्पसंख्यक समुदाय, जो कांग्रेस का परंपरागत वोटबैंक रहा है. राहुल के इस कदम से वह कितना खुश होगा, इसपर संशय है. यही वजह है कि कांग्रेस को इस मंदिर विजिट का लाभ क्या होगा, इसपर संदेह कायम है.