चुकंदर को सारी दुनिया सलाद के तौर पर अपनाती है। मुख्यत: लाल और सफेद रंग की चुकंदर की खेती काफी राज्यों में की जाती है। सफेद चुकंदर से व्यवसायिक तौर पर शर्करा प्राप्त की जाती है जबकि लाल चुकंदर सलाद और सब्जी के तौर पर अपनायी जाती है। आम लोगों को चुकंदर के औषधीय महत्व के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं हैं जबकि सुदूर ग्रामीण और वनांचलों में चुकंदर अनेक हर्बल नुस्खों में बतौर औषधि अपनायी जाती है। चलिए आज जानते हैं चुंकदर के औषधीय गुणों के बारे में हमारे हर्बल एक्सपर्ट डॉक्टर दीपक आचार्य से।

– हर्बल जानकार चुंकदर को कैंसर जैसे भयावह रोग से ग्रसित रोगी को खिलाने की सलाह देते हैं, इनका मानना है कि चुकंदर कैंसर नियंत्रण में काफी मददगार होती है। आधुनिक शोध भी कैंसर के लिए चुकंदर को महत्वपूर्ण मानती है। चुकंदर में पाया जाने वाला लाल रंग बेटाईन नामक रसायन की वजह से होता है जो कैंसरग्रस्त कोशिकाओं की वृद्दि रोकने में मददगार साबित हुआ है।

– हृदय रोगों से ग्रस्त रोगियों को कच्चा चुकंदर चबाने से काफी फायदा होता है। प्रतिदिन कम से कम २ चुकंदर प्रतिदिन चबाने से हॄदयाघात की संभावनांए कम होती है।

– चुकंदर सेवन की सलाह गर्भवती महिलाओं को ही जाती है। इनके अनुसार चुकंदर का सेवन महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान भी करना चाहिए। यह महिलाओं को ताकत प्रदान करता है और शरीर में रक्त की मात्रा तैयार करने में मददगार साबित होता है। चुकंदर में भरपूर मात्रा में लौह तत्व और फ़ोलिक एसिड पाए जाते हैं जो रक्त निर्माण के लिए मददगार होते हैं।

– चुकंदर को कच्चा चबाना ही ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इसे उबालने से इसमें पाए जाने वाले महत्वपूर्ण खनिज और फोलिक अम्ल नष्ठ हो जाते हैं। माना जाता है कि जो लोग ज्यादा चुकंदर का सेवन करते हैं, उनके बाल, नाखून आदि ज्यादा चमकदार और स्वस्थ रहते हैं।

– अपचन होने की दशा में रोगियों को कच्चा चुकंदर खाने की सलाह दी जाती है। कच्चा चबाने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में फाईबार मिलते हैं जो पाचन क्रिया संतुलित कर अपचन की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं।

– वजन कम करने के लिए चुंकदर एक बेहतर उपाय है। कच्चा चुकंदर या कम से कम २ चुकंदर का जूस तैयार कर प्रतिदिन सुबह खाली पेट लिया जाए तो यह वजन करने में सहायक साबित होता है।

– एसिडिटी होने पर चुकंदर के जूस के सेवन की सलाह दी जाती है। चुकंदर न सिर्फ किडनी की सफाई में मदद करता है बल्कि यकृत को स्वस्थ बनाने में भी मदद करता है।

– चुकंदर को एंटी एजिंग के लिए एक महत्वपूर्ण और कारगर फार्मुला माना गया है। यह शारीरिक कोशिकाओं को तरोताजा रखने में सहायक तो होता ही है इसके अलावा रक्त संचार को सुचार रखने में बेहतर साबित होता है।

(ये हर्बल टिप्स डॉक्टर डीपक आचार्य जी के हैं।  वे पिछले 18 सालों से भारत के सुदूर वनवासी इलाकों से पारंपरिक हर्बल ज्ञान को संकलित कर आधुनिक विज्ञान की नज़रों से परख रहें हैं। पेशे से वैज्ञानिक डॉ आचार्य ने अब तक 6 किताबें लिखी हैं। हाल ही में उनकी किताब हर्बल जीवन मंत्रआई है।)