नई दिल्ली: मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है. मेडिकल के क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन यानी एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) और एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) की सीटों में भारी बढ़ेतरी होने जा रही है. शैक्षणिक सत्र 2020-21 से मेडिकल में पोस्ट ग्रेजुएशन में 10 हजार सीटों की बढ़ोतरी हो जाएगी. भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा नियमन, 2000 में किए गए संशोधनों के मुताबिक सभी मेडिकल कॉलेजों को शैक्षणिक सत्र 2020-21 से पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने होंगे.

यह नियमन नए मेडिकल कॉलेजों पर भी लागू होगा. वर्तमान में जो निजी मेडिकल कॉलेज और सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं वह पहले से इसके दायरे में आते हैं. सभी मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स शुरू होने से देशभर में एमएस और एमडी कोर्स में 10 हजार सीटें बढ़ जाएंगी. सीटे बढ़ना मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए राहत भरी खबर है.

नए मेडिकल कॉलेजों को स्नातक पाठ्यक्रमों के संचालन की मान्यता मिलने के तीन वर्ष के भीतर पीजी कोर्स शुरू करने होंगे. स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसा करने में विफल रहने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी. मंत्रालय ने संशोधनों को मंजूरी दे दी है और नए नियमन को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा. सीटें बढ़ने से ज्यादा छात्र डॉक्टर बन सकेंगे जिससे देश में डॉक्टरों की कमी से भी निपटा जा सकेगा साथी ही मरीजों को भी ज्यादा डॉक्टर उपलब्ध होंगे.

अधिकारी ने कहा, ‘‘इस कदम का उद्देश्य देश में चिकित्सकों की कमी की समस्या का समाधान निकालना है. संशोधनों के लागू होने के बाद अगले चार वर्ष में स्नातकोत्तर स्तर की करीब 10,000 सीटों की बढ़ोतरी होगी.’’ अधिकारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों को पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए नई सीटों के लिए आवेदन देना होगा. शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए सीटों में वृद्धि के लिए मंजूरी देने से पहले एमसीआई की तरफ से निरीक्षण किया जाएगा.