नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह एक सख्त अधिकारी के साथ महान इंसान भी थे. अर्जन सिंह की शख्सियत और उनके साथ की सुनहरी घटनाओं को याद करते हुए रिटायर्ड विंग कमांडर विनोद नेब ने बताया, ‘मार्शल अर्जन सिंह ने ही उनकी वर्दी में विंग्स लगाए थे. वो बेहद गर्व के पल थे.’ गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना में लंबी सेवा देने वाले मार्शल अर्जन सिंह का शनिवार को निधन हो गया. वो 98 वर्ष के थे.

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विंग कमांडर विनोद नेब 1963 में एयरफोर्स में कमीशंड हुए थे. 1965 युद्ध के दौरान उन्हें पंजाब के हलवाड़ा में हंटर स्क्वाड्रन के रूप में तैनात किया गया था. नेब ने 6 सितंबर 1965 को पाकिस्तानी फायटर प्लेन एफ-86 को मार गिराया. उन्हें वीर चक्र से भी सम्मानित किया गया.

विनोद नेब ने अपनी यादें साझा करते हुए बताया, ‘मार्शल अर्जन सिंह दिल्ली से हरवाड़ा पहुंचे और मुझे बधाई दी थी. उन्होंने कहा बहुत खूब मेरे बच्चे.’ नेब ने बताया कि मार्शल सिंह हैरान थे कि इतनी नजदीकी से भी दुश्मन के फायटर प्लेन को मैंने कैसे मार गिराया.

नेब ने बताया, ‘वक्त मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था. यहां तक की 50 साल बाद भी मेरे चीफ और मार्शल अर्जन सिंह मुझे याद रखते हैं. मार्शल की याद्दाश्त बहुत अच्छी थी. मार्शल सिंह के साथ हर अधिकारी फोटो खिंचवाना चाहता था. एकबार की बात है. मार्शल जीप की बोनट पर बैठे थे. वहां मेरे लिए बैठने की कोई जगह नहीं थी. उन्होंने मुझे अपनी टांगों के बीच बोनट में बिठाकर फोटो खिंचवाई.’

नेब याद करते हुए बताते हैं कि मेरी ससुर का नाम अर्जन भगनानी था. जब मेरी पत्नी मार्शल अर्जन सिंह को जब भी विश करतीं तो वो कहते तुम अर्जन सिंह की बेटी हो ना! 2011 में मार्शल अर्जन सिंह की पत्नी का दोहांत होने के बाद वो काफी टूट से गए. उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. वो हमेशा याद आएंगे.