नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग व नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को कहा कि लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं. एक्सप्रेस इंडस्ट्री काउंसिल ऑफ इंडिया (ईआईसीआई) के एक कार्यक्रम में अपने वीडियो संदेश के जरिए प्रभु ने कहा कि एक्सप्रेस इंडस्ट्री भारत में कारोबार व अर्थव्यवस्था को विकास शक्ति प्रदान करने वाला प्रमुख घटक है. केंद्रीय मंत्री भारतीय एक्सप्रेस उद्योग पर ईआईसीआई व डेलोइट द्वारा गुरुवार को पेश की गई एक रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे. प्रभु ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाणिज्य मंत्रालय को लॉजिस्टिक्स को एक विषय के रूप में शामिल करने को कहा है.

15 फीसदी की सालाना दर से बढ़ रहा है लॉजिस्टिक्स सेक्टर
‘इंडियन एक्सप्रेस इंडस्ट्री-2018 रिपोर्ट’ में बताया गया है कि एक्सप्रेस उद्योग में वर्तमान में 16 लाख लोगों को रोजगार मिला है और अगले पांच साल में इस क्षेत्र में 26 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच साल में इस उद्योग में 15 फीसदी की सतत सालाना विकास दर (सीएजीआर) से प्रगति हुई है और वर्ष 2017 में उद्योग का कुल कारोबार 22,000 करोड़ रुपए रहा है. उन्होंने कहा, “बेहतर लॉजिस्टिक्स की सुविधा देश में निवेश को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा सकती है, जिससे विनिर्माण क्षेत्र के अनेक उद्योगों के विकास में मदद मिलेगी. हमें उम्मीद है कि यह क्षेत्र रोजगार सृजन में भी बड़ा योगदान कर सकता है.”

जीएसटी की मुश्किलें भी कम होने की उम्मीद
भारत में लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में तेजी से प्रसार के बीच एक्सप्रेस इंडस्ट्री काउंसिल ऑफ इंडिया (ईआईसीआई) और पेशेवर कंपनी डेलोइट ने अगले पांच साल में देश में एक्सप्रेस उद्योग का कारोबार 17 फीसदी की दर से बढ़कर 48,000 करोड़ रुपए हो जाने की उम्मीद जताई है. गुरुवार को पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच साल में इस उद्योग में 15 फीसदी की सतत सालाना विकास दर (सीएजीआर) से प्रगति हुई है और वर्ष 2017 में उद्योग का कुल कारोबार 22,000 करोड़ रुपए रहा है.

ईआईसीआई के सीओओ विजय कुमार ने कहा, “आने वाले दिनों में जीएसटी और ई-वेल बिल का फायदा मिलेगा. मगर शुरुआत में थोड़ी दिक्कत आ रही है. अभी जो दिक्कत आ रही है, वह एक बार सिस्टम दुरुस्त हो जाने पर नहीं आएगी.”

कार्यक्रम में एनएसडीसी में एसएससी गवर्नेंस प्रमुख आनंद मोहन झा, ईआईसीआई के वाइस चेयरमैन और डीएचएल एक्सप्रेस इंडिया के कंट्री मैनेजर आर.एस. सुब्रमणियन, सीबीआईसी, रिस्क मैनेजमेंट की सहायक महानिदेशक सीमा जेरी बिश्ट, नागरिक उड्डयन मंत्रालय में निदेशक अंशुमाली रस्तोगी समेत उद्योग से जुड़े कई कारोबारी मौजूद थे.

 

इनपुट: एजेंसी