दिल्ली. देश में नोटबंदी के फैसले के बाद पैनकार्ड आवेदन 300 फीसदी बढ़ गए हैं. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने यह जानकारी दी है. बोर्ड ने बताया कि नोटबंदी के बाद स्थायी खाता संख्या (पैनकार्ड) के आवेदनों में 300 फीसदी का इजाफा हुआ है.

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के चेयरमैन सुशील चंद्र ने बताया कि नोटबंदी के पहले मेरे पास सिर्फ 2.5 लाख पैनकार्ड आवेदन हर महीने आते थे. लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद यह संख्या बढ़कर 7.5 लाख तक पहुंच गई है.

आप को बता दें कि पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का फैसला लिया था.

सुशील चंद्र ने कहा कि कालेधन के खिलाफ सरकार अभी भी कई ठोस कदम उठा रही है. जिसमें दो लाख रुपये से ज्यादा के नकद लेनदेन पर भी रोक लगाना शामिल है.  

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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने बताया कि पैन 10 अंक की एक अक्षर-अंक संख्या (अल्फान्यूमैरिक) होती है जो कि आयकर विभाग किसी व्यक्ति या कंपनी को जारी करता है. इसका उपयोग आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए होता है. जो कि अनिवार्य है. इस समय देश में लगभग 33 करोड़ पैन कार्ड धारक हैं.