बेंगलुरू: कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले जेडीएस को शनिवार को तब बड़ा झटका लगा जब उसके 7 बागी विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया. शुक्रवार को उन्होंने कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी. एक दिन पहले ही इन विधायकों ने दावा किया था कि राज्यसभा चुनावों में उन्होंने अपना मत कांग्रेस के पक्ष में दिया था. वे रविवार को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे. जद-एस के प्रदेश प्रवक्ता रमेश बाबू ने बताया कि विधायकों बी.जेड. जहीर अहमद खान, आर. अखंड श्रीनिवास मूर्ति, एन. चालुवरया स्वामी, इकबाल अंसारी, एच.सी. बालाकृष्ण, रमेश बंदी सिद्देगोडा और भीमा नाइक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.

इन विधायकों को इससे पहले साल 2016 में राज्यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के लिए क्रॉस वोटिंग करने तथा पार्टी की अवज्ञा करने पर निकाला जा चुका है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने मत कांग्रेस के तीसरे प्रत्याशी जी.सी. चंद्रशेखर के समर्थन में दिए थे.

सातों विधायकों ने अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष के.बी. कोलीवाड को सौंप दिए. विधायकों के अनुसार वे रविवार को मैसुरू में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल होंगे. राहुल फिलहाल कर्नाटक के दो दिवसीय दौरे पर हैं. मांड्या जिला की नागमंगला विधानसभा सीट से विधायक स्वामी ने कहा, “हम राहुल गांधी तथा मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की मौजूदगी में रविवार को कांग्रेस में शामिल होंगे.”

खान कामरापेट विधानसभा सीट से तीन बार से विधायक हैं, मूर्ति उत्तर-पूर्वी बेंगलुरू की पुलकेशीनगर विधानसभा से विधायक हैं तथा अंसारी कोप्पल जिला की गंगावती विधानसभा सीट से विधायक हैं. बालाकृष्णा रामनागरा जिला की मगदी विधानसभा सीट, बंदीसिद्देगोडा मांड्या जिला की श्रीरंगपट्टा विधानसभा सीट तथा नाइक बल्लेरी जिला के हजारी बोम्मनहल्ली विधानसभा सीट से विधायक हैं.

उनके करीबी सूत्रों ने बताया कि विधायक एक या दो दिन में कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. ये चारों विधायक उन सात विधायकों में शामिल हैं जिन्होंने पार्टी के खिलाफ बगावत की है. वे पार्टी नेतृत्व, खासकर जेडीएस की प्रदेश इकाई के प्रमुख एच डी कुमारस्वामी के खिलाफ मुखर रहे हैं.

कोलीवाड ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने क्रम में होने के कारण इस्तीफे स्वीकार कर लिए. खान ने इस्तीफा देने के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने जेडीएस छोड़ने का फैसला किया क्योंकि ‘‘ पार्टी पर एक व्यक्ति हावी हो गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ एच डी कुमारस्वामी किसी की नहीं सुनते. वह अपने पिता एवं पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा और बड़े भाई एच डी रेवन्ना से विचार विमर्श की भी जरूरत नहीं समझते. क्या वह हमारी सुनेंगे?’’

जेडीएस के बागी विधायकों के वोट और निदर्लीय विधायकों के समर्थन से शुक्रवार को सत्तारूढ़ कांग्रेस बोनस के रूप में तीसरी सीट जीतने में कामयाब रही. सदन में अपने संख्या बल के आधार पर वह दो ही सीटें जीतने की अपेक्षा कर रही थी.