नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2014 में डेनमार्क की एक महिला के साथ हुए गैंगरेप के मामले में पांच आरोपियों को निचली कोर्ट के द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पर सोमवार को अपनी मुहर लगा दी. न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति आई.एस. मेहता की खंडपीठ ने दोषियों महेंद्र उर्फ गंजा, मोहम्मद राजा, राजू भज्जो, अर्जुन, राजू छाका की अपील खारिज कर दी.

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आरोपियों ने 2016 में निचली कोर्ट के उस आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. जिसमें उनपर सामूहिक दुष्कर्म, डकैती, अपहरण, बंधक बनाने और धमकी देने के आरोपों को सही माना गया था. उच्च न्यायालय ने कहा कि आरोपियों ने देश की गलत छवि पेश की है.

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अभियोजन पक्ष के अनुसार 14 जनवरी, 2014 की रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे अधिकारी क्लब के पास पहले से तय एक स्थान पर ले जाकर आरोपियों ने चाकू की नोक पर डेनमार्क की महिला के साथ गैंगरेप किया था. उन्होंने कहा कि कुल 9 आरोपी इसमें शामिल थे, जिनमें तीन नाबालिग थे. एक वयस्क आरोपी की मामले की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है. (इनपुट-एजेंसी)