पटना: रेलवे बोर्ड के प्रमुख अश्विनी लोहानी ने शुक्रवार को कहा कि देश में 65 से 70 फीसदी ट्रेनें समय से चलती हैं. उन्‍होंने यह भी बताया कि भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष बल देता है. लोहानी 63वें क्षेत्रीय रेल सप्ताह में हिस्सा लेने के लिए बिहार की राजधानी पटना में मौजूद थे. उनके साथ इस अवसर पर मध्यपूर्व रेलवे के महाप्रबंधक एल सी त्रिवेदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.

उन्होंने कहा, “समस्त भारतीय रेलवे में, 65 से 70 प्रतिशत ट्रेनें समय पर चलती हैं जबकि देरी से चलने वाली ट्रेनों का प्रतिशत 30 से 35 प्रतिशत के बीच है. ऐसा इसलिए है क्योंकि हम ( रेलवे ) सुरक्षा पहलुओं के साथ समझौता नहीं कर सकते, जिसपर हमारा विशेष जोर रहता है.”

लोहानी ने संवाददाताओं को बताया, “इस साल हमने एक बड़ा फैसला लिया है जिसके मुताबिक एक अप्रैल, 2018 से हम केवल आधुनिक एलएचबी डिब्बों का निर्माण करेंगे. करीब 5,000 रेल के डिब्बे तैयार किए जा चुके हैं.’’ उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों के मुताबिक पटना-नई दिल्ली राजधानी की गति जल्द ही 130 किलोमीटर प्रति घंटे कर दी जाएगी. वर्तमान में इसकी गति 110 किलोमीटर प्रति घंटा है.

लोहानी ने बताया कि अहमदाबाद से मुंबई के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन का परिचालन साल 2023 तक पूरी तरह शुरू हो जाएगा. वहीं कुछ खंडों पर इसका परिचालन 2022 से ही शुरू हो जाएगा. उन्‍होंने बताया कि एक बुलेट ट्रेन में 10 डिब्‍ब्‍े होंगे जिसमें एक बिजनेस क्‍लास होगा. इस प्रोजेक्‍ट के तहत निर्माण कार्य इस साल दिसंबर में शुरू हो सकता है क्‍योंकि उस वक्‍त तक भूमि अधिग्रहण हो जाना चाहिए. उन्‍होंने आगे बताया कि क्रियान्‍वयन प्राधिकरण में 3 से 4 हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा जबकि निर्माण कार्य के दौरान 30 से 40 हजार कामगारों को काम पर रखा जाएगा.