नई दिल्ली। संंसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सर्वदलीय बैठक बुलाई जो संपन्न हो गई. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा और राजनीति ठीक नहीं है. सुमित्रा महाजन ने मानसून सत्र से पहले होने वाले बैठक में सभी राजनीतिक दलों से लोकसभा के कामकाज के ठीक से संचालन में सहयोग देने का आग्रह किया.

बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से राष्ट्रपति चुनाव में भागीदारी की अपील की. पीएम ने बैठक में जीएसटी के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी. साथ ही सभी दलों से अपील की कि वे मानसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें.

सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस ने कहा कि बंदूक कश्मीर में तनाव समाप्त करने का रास्ता नहीं हो सकता है और वह अन्य विपक्षी दलों के साथ कल से शुरू हो रहे संसद सत्र के दौरान इस विषय को उठायेगी. जबकि माकपा का कहना है कि सरकार को गौ रक्षा के नाम पर निर्दोष लोगों को मारे जाने के बारे में जवाब देना चाहिए.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने सरकार को बताया है कि आतंरिक और बाह्य सुरक्षा से जुड़े कुछ संवेदनशील मुद्दे है और संसद सत्र के दौरान इन पर चर्चा किये जाने की जरूरत है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि पहले जब भी कश्मीर का मुद्दा उठा, उसमें पाकिस्तान के बारे में चर्चा हुई. लेकिन अब हम चीन के बारे में पढ़ और सुन रहे हैं.

उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार के साथ हैं लेकिन कश्मीर मुद्दे के समाधान के तरीके के बारे में हमारे अलग विचार है. आजाद ने कश्मीर की वर्तमान स्थिति के बारे में सरकार को जिम्मेदार ठहराया. कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने कश्मीर में बातचीत के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दी है जिससे राजनीतिक घुटन की स्थिति बनी है. बंदूर से कश्मीर में तनाव का समाधान नहीं निकाला जा सकता है.

माकपा महासचिव सीताराम येचूरी ने कहा कहा कि संसद के संभवत: सबसे छोटे मानसून सत्र में सरकारी ने 16 विधेयक सूचिबद्ध किये हैं. उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक दिन हम गौ रक्षा के नाम पर निर्दोष लोगों से मारपीट और कई बार हत्या से जुड़ी घटनाओं को देख रहे हैं. इसके बारे में चर्चा होनी चाहिए और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए.

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सर्वदलीय बैठक में ये नेता शामिल हुए
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली, संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार, मुख्तार अब्बास नकवी; अपना दल से अनुप्रिया पटेल, कांग्रेस से नेता गुलाम नबी आजाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया; अकाली दल के गुजराल, बीजेडी से भृतहरि महताब, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, लोजपा नेता चिराग पासवान, एनसीपी नेता शरद पवार, सपा नेता मुलायम सिंह, नरेश अग्रवाल, सीपीआई के डी राजा शामिल हुए. आरजेडी से जेपी यादव, आरपीआई रामदास अठावले, उपेंद्र कुशवाहा, एनसी से फारूख अब्दुल्ला, जेडीएस से देवेगौड़ा के अलावा अन्य दलों के कई नेता शामिल हुए.

सभी दलों से संसद की कार्यवाही शांतिपूर्वक ढंग से चलाने पर बातचीत करने के लिए सरकार ने यह बैठक बुलाई थी. हालांकि विपक्ष सरकार की मंशा पूरी होने देगा इस पर शक है. विपक्ष अमरनाथ आतंकी हमले, कश्मीर मुद्दा और चीन के साथ सीमा विवाद पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा.

-एजेंसी इनपुट