चंपारण. चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी समारोह में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के चंपारण पहुंचे. इस दौरान उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान में शामिल स्वच्छाग्रहियों की तारीफ की. उन्होंने इसमें महिलाओं की भागीदारी की जमकर तारीफ की. लेकिन इस बीच एक चेहरे ने सबको आकर्षित किया. प्रधानमंत्री भी उनके बारे में बताते हुए टीवी पर उनके विजुअल देख रुक गए और निवेदन किया कि उन्हें फिर से दिखाया जाए. इस शख्स का नाम परमेश्वरन अय्यर है. पमरेश्वरन अय्यर वह शख्स हैं, जो प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को सफल अमलीजामा पहनाने का काम कर रहे हैं.

1981 बैच के अफसर
बता दें कि परमेश्वरन अय्यर साल 1981 बैच के आईएएस अफसर हैं. वह यूपी काडर में रहे हैं. अपनी सर्विस के दौरान वह वर्ल्ड बैंक के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम में काम कर चुके हैं. साल 2006 में उन्होंने ग्रामीण जल स्वच्छता के लिए काफी काम किया.

साल 2009 में लिया वॉलंटरी रिटायरमेंट
साल 2009 में वॉलंटरी रिटायरमेंट लेकर वह वर्ल्ड बैंक के साथ जुड़ गए थे. लेकिन साल 2012 से वहां पूरी तरह से जुड़ गए और जल आपूर्ति और स्वच्छता के मुद्दों पर काम करने लगे. वियतनाम में उनके द्वारा किए गए काम की पूरी दुनिया में तारीफ होती है. इसके साथ ही अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में भी उन्होंने काफी काम किया है.

मोदी ने साल 2014 में अभियान की शुरुआत की थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को अपने ससंदीय क्षेत्र वाराणसी से स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी. लेकिन इस अभियान को सफल बनाने के लिए एक मजबूत कंधे की जरूरत थी. मोदी सरकार ने इसकी जिम्मेदारी गुजरात काडर के आईएएस अधिकारी विजय लक्ष्मी जोशी को दिया था. लेकिन जोशी ने नवंबर 2015 में वॉलंटरी रिटायरमेंट ले लिया. इसके बाद मोदी सरकार ने परमेश्वरन अय्यर की मदद लेने को सोची.

साल 2016 से काम कर रहे हैं परमेश्वर
3 फरवरी साल 2016 में मोदी सरकार ने परमेश्वरन अय्यर को भारत वापस बुलाया. सरकार ने उन्हें स्वच्छ भारत अभियान में स्वच्छता विशेषज्ञ बनाते हुए अभियान में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी. हालांकि, उन्हें सिर्फ दो साल के लिए कॉन्ट्रेक्ट बेसिस पर यह काम दिया गया. लेकिन उनके काम को देखते हुए ही प्रधानमंत्री ने एक बार फिर उनकी तारीफ की है.