नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर तेलूगु देशम पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से अलग होने के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस फैसले को राजनीति से प्रेरित और एकतरफा करार दिया. शाह ने कहा कि आंध्र प्रदेश के विकास को लेकर मोदी सरकार की प्रतिबद्धता दृढ़ है और इस पर कोई सवाल नहीं उठा सकता. शाह ने कहा कि ये फैसला राज्य हित में नहीं है. एनडीए से अलग होने का फैसला एकतरफा और दुर्भाग्यपूर्ण है.

चिट्ठी में लिखी ये बातें

अमित शाह ने लिखा कि टीडीपी को आंध्र प्रदेश के हित की चिंता नहीं है. राजनीतिक फायदे के लिए एनडीए से अलग हुई है टीडीपी. आंध्र प्रदेश हमारी सरकार के उच्च प्राथमिकता में है. माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र के विकास के संबंध में कोई कसर बाकी नहीं रखी. जब से आंध्र प्रदेश के विभाजन की बात उठी थी, तभी से बीजेपी ने दोनों राज्यों की जनता के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया था. ये कांग्रेस के उस रुख से पूरी तरह अलग था जिसने ना सिर्फ प्रदेश के विभाजन में बदइंतजामी की, बल्कि तेलुगु लोगों के प्रति भी असंवेदनशीलता दिखाई.

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बीजेपी अध्यक्ष ने लिखा, आप (नायडू) याद कर सकते हैं कि किस तरह पिछले लोकसभा और राज्यसभा में आपको पास पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं था, तब दोनों प्रदेश की जनता की खातिर बीजेपी ने ही एजेंडा सेट किया था कि तेलुगु लोगों को इंसाफ मिले. इसलिए जब बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की सरकार बनी, जिसका आप भी एक अहम हिस्सा थे, तब हमने विभाजित होने के बाद इस राज्य का पूरी तरह से ध्यान रखा.

नायडू ने सुनाई थी खरी-खोटी

बता दें कि टीडीपी ने आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने से नाराज होकर एनडीए से अलग होने का फैसला लिया था. सीएम नायडू ने कहा था कि केंद्र में रहने का कोई फायदा नहीं हुआ. हम आंध्र के फायदे के लिए एनडीए में शामिल हुए थे. हमसे जो वादा किया गया था वो पूरा नहीं किया गया. सीएम नायडू ने कहा कि बजट के बाद से ही हम ये मुद्दा उठा रहे थे लेकिन केंद्र सरकार ने हमारी नहीं सुनी. केंद्र सुनने के मूड में नहीं है. मुझे नहीं पता कि मैंने क्या गलती की है. वे ऐसी बातें क्यों कर रहे हैं. नायडू ने कहा कि सदभावना के तहत और सीनियर राजनीतिज्ञ होने के नाते मैं इस फैसले से पीएम को अवगत कराने गया था, लेकिन वह उपलब्ध नहीं थे.

बीजेपी को निशाने पर लेते हुए नायडू ने कहा कि हम बीजेपी के साथ इसलिए आए क्योंकि हम चाहते थे कि आंध्र प्रदेश के साथ इंसाफ हो. मैं 29 बार दिल्ली गया और हर बार कई लोगों से मुलाकात की. इसके बावजूद हमारे साथ न्याय नहीं किया गया. उन्होंने हमेशा आंध्र के साथ नाइंसाफी की.