नई दिल्ली: काले हिरण केस में सलमान खान को 5 साल की सजा सुनाए जाने पर जहां उनके फैंस निराश हैं वहीं पशुओं के लिए काम करने संगठन कोर्ट के इस फैसले से खुश नजर आ रहे हैं. कई पशु अधिकार संगठनों ने काला हिरण शिकार मामले में बॉलीवुड स्टार सलमान खान को सजा सुनाए जाने के फैसले का स्वागत किया है. पशु संगठनों का कहना है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. पशु अधिकार संगठनों में कुछ लोगों का कहना है कि अभिनेता को वन्यजीव अधिनियम के तहत और ज्यादा सजा मिलनी चाहिए थी.

जोधपुर की एक अदालत ने खान को पांच साल की सजा सुनाई है और उन्हें फैसला सुनाए जाने के बाद अदालत ने उन्हें जोधपुर केन्द्रीय कारागार भेज दिया. सलमान के वकील ने कहा है कि सजा को निलंबित करने और जमानत के लिए सत्र अदालत में याचिका दायर की गई है. जमानत याचिका पर शुक्रवार सुबह सुनवाई होने की उम्मीद है.. पेटा, भारत के प्रवक्ता सचिन बंगेरा ने कहा, “यह फैसला बताता है कि आप सलमान खान हैं या आम नागरिक, एक अदालत सच को सुनेगी और कानून अपना काम करेगा.”

पीपल फार एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा), पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए), वाइल्डलाइफ एसओएस एंड ह्यूमन्स सोसाइटी ने इस फैसले का स्वागत किया है. इस मामले में सलमान खान को पांच साल जेल की सजा मिली है और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा है.

सलमान के वकील आनंद देसाई ने मुंबई में कहा कि हालांकि वह अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन यह चौंकाने वाला है क्योंकि अभिनेता को पिछले मामलों में बरी कर दिया गया था, जिनमें इसी तरह के साक्ष्य थे. साथ ही, मौजूदा मामले में अदालत ने सभी पांच सह-आरोपियों को बरी कर दिया है. अदालत ने इस मामले में उनके सहयोगियों सैफ अली खान, सोनाली बेन्द्रे, तब्बू और नीलम और एक स्थानीय निवासी दुश्यंत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. ये सभी फैसले के तुरंत बाद मुंबई के लिए रवाना हो गए.