नई दिल्लीः आतंकी सगंठन इंडियन मुजाहिद्दीन का सरगना आरिज खान उर्फ जुनैद वर्ष 2008 के बाद से पड़ोसी देश नेपाल में ऐश की जिंदगी जी रहा था. दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर में बच कर भागने वाला यह आतंकी नेपाल में एक दूसरे धर्म की महिला का धर्म परिवर्तन करवाकर शादीशुदा जिंदगी जी रहा था. वहां वह एक स्कूल में पढ़ाता भी था. हमारे सहयोगी अखबार डीएनए के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने बुधवार को उसे उत्तराखंड के बनबासा के पास भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया. 32 वर्षीय जुनैद ने करीब चार साल पहले नेपाल में एक महिला से शादी की. धर्म परिवर्तन के बाद उसने महिला का नाम बदलकर सारा रख दिया. सारा का असली नाम पद्मा है और वह 28 वर्ष की है.

टीचर बन एक स्कूल में पढ़ा रहा था
सारा ने इससे पहले एक पाकिस्तानी से शादी की थी. वह अपने पूर्व पति के साथ कतर में रहती थी लेकिन शादी टूटने के बाद वह नेपाल लौट आई. इसके बाद उसने जुनैद से शादी की. जुनैद ने उससे कहा था कि वह थोड़ी परेशानी में है और उसे नियमित रूप से कहीं आना-जाना पड़ता है. सारा ने दावा किया कि उसे जुनैद की गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उसके साथ रहते हुए जुनैद कभी अपने गृह जिला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ नहीं गया. अपनी करतूतों को छिपाने के लिए जुनैद ने नेपाल में एक स्कूल में टीचर की नौकर कर ली. वह वहां सलीम नाम से पहचाने जाने लगा.

गौरतलब है कि दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद सहित कई जगहों पर आतंकी हमलों में आरोपी जुनैद बाटला हाउस एनकाउंटर में बच भागा था. इन आतंकी हमलों में 165 लोगों से अधिक की मौत हो गई थी. बाटला हाउस एनकाउंटर में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे, जबकि जुनैद का साथी आतिफ अमीन मारा गया था. आजमगढ़ के रहने वाले जुनैद ने अलीगढ़ में पढ़ाई की थी. इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा पास नहीं कर पाने के बाद वह 2004 में आगे की तैयारी के लिए दिल्ली आ गया था. इसके बाद वह इंडियन मुजाहिद्दीन से जु़ड़ गया.

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