नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछा कि जब वह वित्त मंत्री अरुण जेटली जैसे अन्य लोगों से माफी मांग रहे हैं तो पुलिसकर्मियों के लिए ‘ ठुल्ला ’ शब्द इस्तेमाल करने के लिए एक कॉन्स्टेबल से माफी क्यों नहीं मांग सकते. न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने कहा कि अगर केजरीवाल अपने बयानों के लिए अन्य सभी से माफी मांग रहे हैं तो वह पुलिस अधिकारियों के साथ ऐसा करके मामले का हल क्यों नहीं निकाल सकते. केजरीवाल के वकील ने कहा कि वह इस पर मुख्यमंत्री से निर्देश प्राप्त करेंगे. इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 मई की तारीख तय की.

अदालत केजरीवाल की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें एक कांस्टेबल द्वारा दाखिल आपराधिक मानहानि के मामले में उन्हें तलब करने के निचली अदालत के आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी. केजरीवाल ने पिछले कुछ दिनों में जेटली , पंजाब के नेता बिक्रम मजीठिया और अन्य लोगों से उनके खिलाफ की गई अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगी है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ आरोप लगाने को लेकर माफी मांग ली थी, जिसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा दाखिल मानहानि के मामले को वापस लेने के लिए आप नेताओं व जेटली द्वारा सोमवार (2 अप्रैल) को दिल्ली की अदालत में एक संयुक्त याचिका दाखिल की गई थी. केजरीवाल के अलावा, जिन अन्य आप नेताओं ने जेटली से माफी मांगी थी, उनमें आप सांसद संजय सिंह, वरिष्ठ नेता आशुतोष, दीपक बाजपेयी व प्रवक्ता राघव चड्ढा शामिल हैं. आप संयोजक के माफी मांग लेने के बाद अरुण जेटली, अरविंद केजरीवाल ने मानहानि के दो मुकदमों को आपस में ही सुलझा लिया था.

इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीते 19 मार्च को मानहानि के एक मामले को खत्म करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन गडकरी से माफी मांगी थी. केजरीवाल ने गडकरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसे साबित नहीं किया जा सका. उनकी माफी के बाद केंद्रीय मंत्री ने अपनी मानहानि का मामला वापस ले लिया था.