नई दिल्लीः देश के कई राज्यों में कैश का संकट पैदा हो गया है. इन राज्यों में मध्यप्रदेश, यूपी, गुजरात और बिहार हैं. गुजरात के चार से ज्यादा जिलों और मध्यप्रदेश के कुछ जिलों से कैश की कमी की शिकायत सामने आ रही हैं. नोटबंदी के बाद पहली बार इस तरह की समस्या देखने को मिल रही है. इस बीच एटीएम में कैश की कमी के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि कुछ लोगों द्वारा 2,000 के नोट दबाकर कैश की कमी पैदा करने का षड्यंत्र चल रहा है. चौहान ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं बताया कि षड्यंत्र करने वाले ये कौन लोग हैं.

दिक्कतें पैदा करने के लिए षड़्यंत्र
चौहान ने ‘कृषक समृधि योजना’ का शुभारंभ करने के बाद यहां किसान महासम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा, ‘जब (नवंबर 2016 में) नोटबंदी हुई थी तब 15 लाख करोड़ रुपये के नोट बाजार में थे और आज साढ़े सोलह लाख करोड़ के नोट छापकर बाजार में भेजे गए हैं, लेकिन दो-दो हजार के नोट कहां जा रहे हैं, कौन दबाकर रख रहा है, कौन कैश का संकट पैदा कर रहा है. यह षडयंत्र है. चौहान ने कहा कि यह षड्यंत्र इसलिए किया जा रहा है, ताकि दिक्कतें पैदा हों. उन्होंने कहा, ‘आज प्रदेश में कैश की कमी पैदा की जा रही है, इससे राज्य सरकार निपटेगी. प्रदेश सरकार इस पर सख्ती से कार्रवाई करेगी. चौहान ने कहा, ‘इस संबंध में हम केंद्र से भी बात कर रहे हैं.

 

योगी ने बैठक बुलाई
मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी कैश का संकट देखने को मिल रहा है. इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक बुलाई है. ये भी बताया जा रहा है कि सीएम योगी कैश संकट को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिख सकते हैं.

तेजस्वी ने साधा निशाना
बिहार की राजधानी पटना में भी कैश की किल्लत हो गई है. सिर्फ एटीएम ही नहीं ग्राहक दावा कर रहे हैं कि बैंक की ब्रांच से भी कैश मिलने में दिक्कत हो रही है. कैश संकट पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, बिहार में विगत कई दिनों से अधिकांश ATM बिल्कुल ख़ाली हैं. लोगों के सामने गंभीर संकट है.लोगों का बैंकों में जमा अपना पैसा भी बैंक जरूरत के हिसाब से उन्हें नहीं दे रहे हैं. नोटबंदी घोटाले का असर इतना व्यापक है कि बैंको ने हाथ खड़े कर रखे है. नए नोट सर्कुलेशन से क्यों गायब हैं?