भोपाल. मध्यप्रदेश में कड़े सुरक्षा प्रबंध के कारण मंगलवार को भारत बंद का आंशिक असर दिखा. जातिवाद पर आधारित आरक्षण के खिलाफ उच्च जाति के लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर आहूत इस बंद को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एहतियात के तौर पर भिण्ड एवं मुरैना शहरों में दिनभर के लिए कर्फ्यू लगाया है. वहीं, भोपाल, ग्वालियर, सागर सहित कई शहरों में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू की गई है.

आठ दिन पहले दलित समुदाय द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ के दौरान मध्यप्रदेश के तीन जिलों में आठ लोगों की मौत हो गई थी. इनमें भिण्ड में चार, ग्वालियर में तीन एवं मुरैना में एक व्यक्ति की मौत शामिल है. भिण्ड, ग्वालियर एवं मुरैना जिलों में आज इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है.

हर स्थिति पर नजर
मध्यप्रदेश के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. अब तक भारत बंद का मध्यप्रदेश में कोई असर नहीं है. प्रदेश की पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखे हुए है.’’ उन्होंने कहा कि समूचे प्रदेश में सुरक्षा के कड़े बन्दोबस्त किए गए हैं. हालांकि बंद का आह्वान करने वाला कोई संगठन अब तक सामने नहीं आया है. चंबल पुलिस रेंज के उपमहानिरीक्षक सुधीर लाड ने बताया कि किसी भी अनहोनी घटना को रोकने के लिये भिण्ड में सोमवारव रात नौ बजे से आज शाम छह बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है. चंबल संभाग में अफवाहों पर नियंत्रण के लिये इंटरनेट सेवा अस्थाई रूप से बंद की गई है.

मुरैना में इंटरनेट बंद
वहीं, मुरैना के कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार ने बताया, ‘‘भारत बंद को देखते हुए मुरैना में आज सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है. जिले में इंटरनेट सेवाएं मंगलवार को बंद रहेंगी.’’ अधिकारिक एवं पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में कहीं से किसी अप्रिय घटना, रेल एवं बस रोके जाने की सूचना नहीं है. राजधानी भोपाल में कुछ दुकानें खुली हुई हैं. नगरीय एवं परिवहन सेवाएं यथावत संचालित हो रही हैं. स्कूल, सरकारी कार्यालय और बैंक सामान्य दिनों की तरह काम कर रहे हैं.