अहमदाबाद: गुजरात के कई बड़े शहरों और नगरों में दलितों ने अनुसूचित जाति/ जनजाति अधिनियम को कथित तौर पर कमजोर किए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा कुछ बसों को निशाना बनाए जाने के बाद शहर की सरकारी परिवहन सेवाओं को रोक दिया गया. दलित संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के तहत हो रहे इन प्रदर्शनों के दौरान जामनगर से तोड़-फोड़ की खबरें सामने आईं.

नगरपालिका आयुक्त मुकेश कुमार ने बताया कि सड़कें बाधित करने और शहर के पूर्वी हिस्से में बीआरटीएस की कुछ बसों पर हमले की खबरों के बाद अहमदाबाद नगर निकाय ने कुछ मार्गों पर अपनी सेवाएं रोक दी. उन्होंने बताया, ‘अहमदाबाद नगर निगम परिवहन सेवा (एएमटीएस) के कुछ मार्गों पर बसों का परिचालन भी रोक दिया गया.’ एक अधिकारी ने बताया कि राजकोट के त्रिकोण बाग में कई दलित कार्यकर्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से अधिनियम से संबंधित उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रतियों को जलाया. अधिकारी ने बताया कि जामनगर शहर में भीड़ ने एक बस डिपो में रखे हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर फाड़े. भीड़ ने डिपो और उसके आस-पास कई दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया.

दलित प्रदर्शनकारियों ने दानी लिमडा, नारौदा, बापूनगर, कालूपुर और अमराईवाड़ी समेत शहर के कई अन्य हिस्सों में सड़कों पर प्रदर्शन किया. दलित पैंथर के राहुल परमार के मुताबिक इन इलाकों में कई सड़कों को बाधित किया गया जबकि प्रदर्शनकारियों द्वारा दुकानें बंद रखने को कहा गया. शहर के प्रभारी पुलिस आयुक्त के एल एन राव के मुताबिक प्रदर्शन के कारण होने वाली कानून और व्यवस्था की किसी भी समस्या से निपटने के लिए शहर भर में पर्याप्त पुलिस कर्मी नियुक्त किए गए हैं. (इनपुट-भाषा)