नई दिल्लीः बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा में तैनात 32 बिहार पुलिस के जवानों को वापस बुलाने वाले फैसले को गुरुवार को पलट दिया. इन जवानों को राबड़ी देवी की सुरक्षा में फिर से तैनात कर दिया गया है. गौरतलब है कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सुरक्षा वापस लेने से संबंधित मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बुधवार को लेटर लिखा था.. राबड़ी देवी ने कहा है कि जिस तरह से उनसे और उनको परिवार से सुरक्षा वापस ली गई है उसके बाद परिवार की सुरक्षा पूरी तरह ध्वस्त हो गई है. उन्होंने कहा था कि दिखावे मात्र के लिए सुरक्षा कर्मी नहीं रखना चाहती हैं. इसलिए सुरक्षा में तैनात बाकी सुरक्षा कर्मियों और गाड़ियों को वापस लौटा रही हैं. राबड़ी देवी ने कहा था कि अगर उनके और उनके परिवार के साथ किसी तरह की अप्रिय घटना होती है इसकी जिम्मेदारी गृह विभाग और गृह मंत्री की होगी. गृह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास है.

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राबड़ी देवी के बेटे तेजस्वी यादव ने फैसला बदलने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि नीतीश को पलटू राम के नाम से जाना जाता है. इस फैसले से उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया है. तेजस्वी ने पूछा की नीतीश कुमार को क्लियर करना चाहिए कि सुरक्षा वापस लेने का फैसला किसका था. उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय नीतीश के पास है.

गौरतलब है कि राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार और सुशील मोदी की सरकार पर चाल चलने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि लालू प्रसाद यादव जेल में हैं. हमें नहीं पता हो सकता है कि दवाई देकर उनकी हत्या कर दी जाए. उनका शुगर लेवल बढ़ रहा है. मैं सरकार पर कैसे भरोसा करूं. अगर सरकार हमें हमारा घर छोड़ने के लिए कहती है तो इसके लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि मंगलवार रात 9 बजे हमसे सुरक्षा हटा ली गई. यह सरकार क्या कर रही है. यह मुझे और मेरे परिवार की हत्या की साजिश है.

इससे पहले राबड़ी देवी के बेटे और विपक्ष के नात तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर नीतीश पर निशाना साधा था. उन्होंने लिखा था कि नीतीश कुमार की तरह डरपोक और बुजदिल नहीं जो अपनी सुरक्षा के लिए 800 जवान तैनात रखेंगे. हमारे द्वारा लौटाए हुए सुरक्षाकर्मियों को नीतीश कुमार अपनी सुरक्षा में लगाकर संख्या बल बढ़ा संतुष्टि प्राप्त कर सकते हैं. हम ग़रीब जनता के बीच रहते है जनता ही हमारी असल प्रहरी है.