भवानी पटना (ओडिशा): एसटी-एसटी एक्‍ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जहां पूरे देश में हिंसा और उपद्रव का महौल बना हुआ है, वहीं, बीजेपी अध्‍यक्ष ने आरक्षण को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी का रुख साफ करते हुए रिजर्वेशन को लेकर अनावश्‍यक आशंकाओं और चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की है. बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा और नौकरियों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए आरक्षण की नीति को न तो रद्द करेगी और न ही किसी को ऐसा करने देगी. भवानी पटना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”आरक्षण नीति को कोई भी बदलने की हिम्मत नहीं कर सकता जैसा कि संविधान में बीआर अंबेडकर ने तय किया है.” वहीं शाह ने एसटी-एसटी एक्‍ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर भड़की हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्‍मेदार ठहराया है.

एक दर्जन लोगों की मौत के लिए कांग्रेस- विपक्षी दल जिम्मेदार
बीजेपी प्रेसिडेंट शाह ने विभिन्न दलित संगठनों द्वारा एससी- एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को कथित रूप से कमजोर करने के खिलाफ आयोजित राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान हुई हिंसा में करीब एक दर्जन लोगों की मौत के लिए कांग्रेस और विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, ”बंद का आह्वान क्यों किया गया, जब प्रधानमंत्री ने लोगों को आश्वासन दिया था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करेगी. बंद के दौरान 10 लोग मारे गए. कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल इन दस लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं.”

बीजेपी के खिलाफ भ्रामक प्रचार
मीडिया और सोशल मीडिया में बीजेपी के आरक्षण वापस लेने संबंधी भ्रामक प्रचार अभियान चलाए जाने का आरोप लगाते हुए शाह ने कहा, ” मैं इस जनसभा में इतने लोगों की उपस्थिति में यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि भाजपा आरक्षण वापस नहीं लेने जा रही और न ही वह किसी को ऐसा करने की इजाजत देगी.”

आरक्षण नीति में बदलाव की हिम्‍मत किसी में नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का जिक्र हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा, भारत के संविधान में हमारा पूर्ण विश्वास है. बीआर अंबेडकर द्वारा संविधान में तय आरक्षण नीति में जरा सा भी बदलाव नहीं होगा. कोई इसे बदलने की हिम्मत नहीं कर सकता. भाजपा किसी को आरक्षण नीति में बदलाव की इजाजत भी नहीं देगी.” (इनपुट-एजेंसी)