नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपने ट्वीट में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के बाद कांग्रेसी नेता मनीष तिवारी घिरते जा रहे हैं. पीएम मोदी के जन्मदिन के दिन ऐसे ट्वीट करने के बाद लोगों ने मनीष तिवारी की आलोचना की. कई बीजेपी नेताओं ने भी मनीष तिवारी पर जवाबी हमला बोला. विवाद बढ़ता देख शाम में मनीष तिवारी ने चार ट्वीट करके साफ पेश करने की कोशिश की.

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मनीष तिवारी ने पीएम मोदी को लेकर एक विडियो शेयर किया था जिसमें राष्ट्रगान के दौरान वह चलते हुए दिखाई दे रहे हैं. तिवारी के इस वीडियो पर दीपक कुमार सिंह नाम के एक व्यक्ति ने जवाब दिया कि आप उन्हें देशभक्ति न सिखाएं. इसके बाद उसे जवाब देते हुए तिवारी ने ट्वीट किया, ‘इसे कहते हैं चू#$% को भक्त बनाना और भक्तों को पर्मानेंट चू#$% बनाना- जय हो. महात्मा भी मोदी को देशभक्ति नहीं सिखा सकते.’

मनीष तिवारी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि मनीष एक समझदार व्यक्ति माने जाते हैं, लेकिन ऐसा लग रहा है जैसे उन्हें राहुल गांधी जैसे अर्ध शिक्षित व्यक्ति से आदेश मिला हुआ है. मनीष तिवारी ने सफाई पेश करते हुए कहा कि उनका ट्वीट एक ट्वीट के जवाब में है. वो एक सीक्वेंस में बात-चीत चल रही है. उसे अलग से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने इसे आम बोलचाल की हिंदी का मुहावरा करार दिया.

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस हर सीमा लांघ रही है. कांग्रेस नेता का यह ट्वीट और उसकी भाषा देश के लोगों को स्वीकार नहीं होगा. राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पीएम के खिलाफ ऐसी भाषा का प्रयोग जायज नहीं है. उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के इस मुद्दे पर चुप रहने पर अचरज जताया है.

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ‘यह बहुत दुखद है. कांग्रेस इतने सालों तक सत्ता में रही है और मनीष तिवारी एक वकील हैं, पूर्व सूचना व प्रसारण मंत्री हैं और कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ताओं में से एक हैं. ऐसे में जब इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया जाता है, तो बहुत दुख होता है कि राजनीति का स्तर आखिर कांग्रेस में कहां चला गया है.’