बलिया: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक के कार्यक्रम में उपेक्षा से नाराज होकर बीजेपी के दो सांसदों और जिलाध्यक्ष ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया. सलेमपुर से बीजेपी सांसद रवींद्र कुशवाहा और राज्यसभा के नव निर्वाचित सदस्य सकलदीप राजभर ने बुधवार को यहां सुखपुरा थाना क्षेत्र के धरहरा गांव स्थित एक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया. इन सांसदों के साथ-साथ बीजेपी के जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दुबे भी कार्यक्रम का बहिष्कार कर बाहर चले गए.

बाद में कुशवाहा ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि कार्यक्रम में जिला प्रशासन और विद्यालय आयोजकों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है. उन्हें ना तो हेलीपैड पर जाने दिया गया और ना ही माल्यार्पण के लिए आमंत्रित किया गया. कुशवाहा ने कहा राज्यपाल के कार्यक्रम से दूर रखकर उनके विशेषाधिकार का हनन किया गया है. वह इसकी शिकायत लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे.

इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि बच्चों को किताबी कीड़ा नहीं बनना चाहिए. सफलता के लिए व्यक्तित्व विकास जरूरी है. राज्यपाल ने कहा कि अहंकारी नहीं होना चाहिए. अहंकार हाइवे पर स्पीड ब्रेकर के समान होता है. राज्यपाल मंगलवार को सेंट जेवियर्स स्कूल धरहरा के स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. उन्होंने स्कूली छात्रों को स्किल डेवलपमेन्ट पर जोर देने को कहा. राज्यपाल ने छात्रों को चार टिप्स दिए- मुस्कराते रहो, कब मुस्कराना है उसका निर्धारण, अच्छे काम करने वालों का सम्मान और किसी की अवमानना या अहंकार नहीं करना.

राज्यपाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की भूमि पर आकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर के विचारों की आज भी उतनी ही जरूरत है जितनी पहले थी. उनका व्यक्तित्व प्रेरणादायक है और हमेशा रहेगा.