बहराइच. यहां से बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले ने एक बार फिर मोदी सरकार पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि देश में जातीय जनगड़ना होनी चाहिए. दलितों के हितों के लिए सरकार को आगे आना चाहिए. उन्होंने मांग की कि दलितों के मुद्दे पर लोकसभा में विशेष सत्र बुलाकर दलितों के मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए. बता दें कि फुले बीजेपी की दलित सांसद हैं और लगातार मुद्दों को उठाती रहती हैं.

सावित्री बाई फुले ने कहा कि 10 अप्रैल को हुए बंद में पुलिसकर्मियों ने भी तोड़फोड़ की. उन्होंने कहा कि 2 अप्रैल को अनुसूचित जाति जनजाति के समर्थन में देश के लोगों ने भारत बंद का ऐलान किया था. इस दौरान कई लोग शहीद हुए. उन्होंने कहा कि 2 अप्रैल को बहुजन स्वाभिमान दिवस मनाया जाना चाहिए. फुले ने कहा कि दलितों का प्रमोशन से डिमोशन कर दिया गया. देश का पूरा संविधान लागू नहीं है इसलिए दलितों के साथ अन्याय हो रहा है. 2 अप्रैल को मरने वाले लोगों को 50 लाख का मुआवजा और परिवार को सरकारी नौकरी मिले.

बता दें कि इससे पहले सावित्री बाई फुले ने कहा था, इस सरकार में गरीब लोग खुद उपक्षित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने किसी का नाम न लेते हुए कहा कि पार्टी के भीतर आरक्षण को खत्म करने साजिश चल रही है. उन्होंने कहा कि भारत में 66 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे रहते हैं. उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, जिंदगी जीने का अधिकार आज तक नहीं मिला. उन्होंने कहा कि जिस संविधान की वजह से कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका चल रही है, उसके साथ छेड़छाड़ होने नहीं दूंगी.