नई दिल्ली: अक्सर सियासी विवादों में चर्चा में बने रहने वाले बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अब अपनी ही पार्टी की सरकार के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सुब्रमण्यम स्वामी ने एयर इंडिया के विनिवेश को लेकर शुक्रवार को अपनी पार्टी की सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि यह संभवत: एक और घोटाला हो रहा है. सुब्रमण्यम स्वामी के इस बयान से सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं और सरकार पर विपक्ष के हमले भी तेज हो जाएंगे. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने स्वामी कहा कि वह इस पर नजर रखेंगे और विनिवेश प्रक्रिया में दोष पाए जाने पर निजी आपराधिक कानूनी शिकायत दायर करेंगे.

बता दें कि सरकार ने 28 मार्च को बताया था कि वह एयर इंडिया में 76 फीसदी हिस्सा बेचने जा रही है और प्रबंधन नियंत्रण निजी कंपनियों को हस्तांतरित करेगी. इस पहल का विपक्षी तृणमूल कांग्रेस विरोध कर रही है.

तो दायर करूंगा शिकायत
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया, ” एयर इंडिया की प्रस्तावित बिक्री संभवत: एक और घोटाला है. परिवार की चांदी बेचना विनिवेश नहीं है. मैं देख रहा हूं कि कौन क्या कर रहा है और अगर मुझे कोई दोष नजर आता है, तो निजी आपराधिक कानूनी शिकायत दायर करूंगा.”

76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रही सरकार
एनडीए सरकार ने कर्ज में डूबी एयर इंडिया में विनिवेश प्रक्रिया की योजना पेश की. इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी में 76 प्रतिशत तक हिस्सेदारी और निजी कंपनियों को प्रबंधन नियंत्रण सौंपी जाएगी. नागर विमानन मंत्रालय ने हिस्सेदारी बिक्री को लेकर प्रारंभिक सूचना ज्ञापन में में कहा है कि प्रस्तावित विनिवेश में लाभ कमा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस तथा संयुक्त उद्यम कंपनी एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लि. शामिल होगी.

एयर इंडिया में तीन साल तक रखना होगा निवेश
एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लि. राष्ट्रीय विमानन कंपनी और सिंगापुर की एसएटीएस लि. की संयुक्त उद्यम है. दोनों की कंपनी में बराबर-बराबर हिस्सेदारी है. सरकार इसमें 26 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेगी. साथ ही सफल बोलीदाता को एयरलाइन में कम-से-कम तीन साल तक निवेश बनाए रखना होगा.

ईओआई जमा करने की लास्ट डेट 14 मई
विनिवेश प्रक्रिया की शुरूआत करते हुए विदेशी एयरलाइंस समेत विभिन्न इकाइयों से रूचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किए जा चुके हैं. इनके जमा करने की लास्ट डेट 14 मई है और पात्र बोलीदाताओं को सूचना 28 मई को दी जाएगी. बोली में एक कंपनी या समूह शामिल हो सकती है. बोलीदाताओं के पास न्यूनतम नेटवर्थ 5,000 करोड़ रुपए होना चाहिए. साथ इकाइयों की श्रेणी के आधार पर कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी है. (इनपुट एजेंसी)